36 घंटे बाद सरयू में मिला अधेड़ का शव:मऊ में पुल पर मिली थी चाबी लगी बाइक,
दोहरीघाट-बड़हलगंज के बीच सरयू नदी पर बने पुल से कथित रूप से छलांग लगाने वाले 59 वर्षीय अशोक मल्ल का शव आखिरकार 36 घंटे बाद नदी से बरामद हो गया।

NIT-News
मऊ के दोहरीघाट-बड़हलगंज के बीच सरयू नदी पर बने पुल से कथित रूप से छलांग लगाने वाले 59 वर्षीय अशोक मल्ल का शव आखिरकार 36 घंटे बाद नदी से बरामद हो गया। बीबीपुर गांव के समीप शुक्रवार को नदी में शव उतराता मिला, जिसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अब पुलिस आत्महत्या के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है।
पुल पर मिली थी चाबी लगी बाइक, डिग्गी में था सुसाइड नोट
बुधवार देर रात दोहरीघाट-बड़हलगंज पुल पर एक बाइक लावारिस हालत में मिली थी। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस को बाइक की डिग्गी से एक सुसाइड नोट मिला। नोट के आधार पर मृतक की पहचान रामपुर थाना क्षेत्र के गुरुम्हा गांव निवासी अशोक मल्ल (59) के रूप में हुई। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी इच्छा से आत्महत्या करने की बात लिखते हुए परिवार के किसी सदस्य को परेशान न करने का अनुरोध किया था।
36 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने सरयू नदी में लगातार खोज अभियान चलाया। नदी की तेज धारा और व्यापक क्षेत्र के कारण तलाश अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीमों ने लगातार खोजबीन जारी रखी।
बीबीपुर के पास नदी में उतराता मिला शव
शुक्रवार को बीबीपुर गांव के समीप नदी किनारे एक शव उतराता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान अशोक मल्ल के रूप में की।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मऊ स्थित मर्चरी हाउस भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आत्महत्या के कारणों की जांच जारी
थानाध्यक्ष रामायण सिंह ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे सर्च अभियान के दौरान शव बरामद हुआ है। पुलिस सुसाइड नोट सहित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अशोक मल्ल ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
इलाके में शोक, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अशोक मल्ल का शव मिलने की खबर फैलते ही गुरुम्हा गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी तरह की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें, क्योंकि जांच अभी जारी है।




