मऊ में 32 स्कूली वाहनों का चालान, 4 सीज:पुलिस अधिकारी बोले- निजी वाहन से हादसा होने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जिम्मेदार
मऊ में मुख्यमंत्री के 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत स्कूली वाहनों पर बड़ी कार्रवाई की गई। शुक्रवार को घोसी और दोहरीघाट क्षेत्रों में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने 32 स्कूली वाहनों का चालान किया और 4 वाहनों को सीज कर दिया।

मऊ में मुख्यमंत्री के ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत स्कूली वाहनों पर बड़ी कार्रवाई की गई। शुक्रवार को घोसी और दोहरीघाट क्षेत्रों में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने 32 स्कूली वाहनों का चालान किया और 4 वाहनों को सीज कर दिया।जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे निजी वाहनों से स्कूली बच्चों का परिवहन न कराएं। चेतावनी दी गई कि यदि किसी निजी वाहन से बच्चों को ले जाते समय दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रबंधक या प्रधानाचार्य की होगी।परिवहन विभाग ने उन सभी विद्यालयों को भी निर्देशित किया है जिनके नाम पर कोई वाहन पंजीकृत नहीं है। ऐसे विद्यालयों को UP ISVMP पोर्टल पर शिक्षा विभाग द्वारा आवंटित यू-डायस (UDISE) कोड के माध्यम से एक शपथ पत्र अपलोड करना होगा, जिसमें यह घोषित किया जाए कि विद्यालय के नाम कोई वाहन संचालित नहीं है।विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि जिन स्कूल वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र या परमिट समाप्त हो चुका है और उनका नवीनीकरण समय पर नहीं कराया गया है, उनके विद्यालय प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, ऐसे विद्यालयों की मान्यता भी निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
इस अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुहेल अहमद, प्रवर्तन पर्यवेक्षक जन्मेजय यादव, प्रवर्तन टीम और यातायात निरीक्षक श्याम शंकर पांडेय व उनकी टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
परिवहन विभाग ने सूचित किया है कि फिटनेस समाप्त स्कूली वाहनों के निरीक्षण के लिए 11 जुलाई 2026 (रविवार) को एआरटीओ कार्यालय खुला रहेगा। सभी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों को कार्यालय परिसर में लाकर फिटनेस और परमिट का नवीनीकरण समय पर कराएं।




