मऊ डीएम ने 3 हाई-वैल्यू बैनामों की जांच की:एक संदिग्ध लगने पर विस्तृत जांच के आदेश दिए, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मऊ के जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने जून माह में पंजीकृत उच्च मूल्य के तीन बैनामों का स्थलीय निरीक्षण किया। शुक्रवार दोपहर 2 बजे की गई इस जांच में अभिलेखों और स्टांप शुल्क का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दो बैनामे सही पाए गए, जबकि एक मामले में संदिग्ध स्थिति मिलने पर विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।

NIT-News
मऊ के जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने जून माह में पंजीकृत उच्च मूल्य के तीन बैनामों का स्थलीय निरीक्षण किया। शुक्रवार दोपहर 2 बजे की गई इस जांच में अभिलेखों और स्टांप शुल्क का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दो बैनामे सही पाए गए, जबकि एक मामले में संदिग्ध स्थिति मिलने पर विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सबसे पहले बैनामा संख्या 5327/2026 का परीक्षण किया। यह बैनामा सुमन भारद्वाज के नाम 3.27 करोड़ रुपये की संपत्ति से संबंधित है, जो तहसील सदर के मौजा ताहीरपुर में 1308.25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में स्थित है। मौके पर अभिलेखों और स्टांप शुल्क का मिलान सही पाया गया।
इसके बाद बैनामा संख्या 5462/2026 की जांच की गई। यह अंजू के नाम 1.19 करोड़ रुपये की संपत्ति का बैनामा है, जो मौजा हकीकतपुर में 375 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में स्थित है। इस प्रकरण में भी सभी अभिलेख सही पाए गए।
वहीं, बैनामा संख्या 5495/2026, जो जेपी फाउंडेशन (शैलेंद्र मिश्रा) के नाम 2.10 करोड़ रुपये की संपत्ति से संबंधित है, इसके स्थलीय परीक्षण के दौरान अभिलेखों और स्टांप शुल्क में संदिग्ध स्थिति सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित तहसील से विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमानुसार जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व और स्टांप से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एआईजी स्टांप राकेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




