भारतीय नाविकों की मौत पर देश चाहता है जवाब :मोहम्मद अरशद खान

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लखनऊ/जौनपुर।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक जौनपुर सदर मोहम्मद अरशद खान ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि भारतीय नागरिकों की जान की सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है। हाल की घटनाओं में अमेरिकी कार्रवाई के कारण भारतीय नाविकों की मृत्यु की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। भारत सरकार ने इस मामले में अमेरिका के समक्ष औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया है।
मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि जब भारतीय नागरिकों का रक्त बहता है तो देश की जनता अपेक्षा करती है कि भारत सरकार दृढ़ता और स्पष्टता के साथ उनकी सुरक्षा, सम्मान और न्याय की मांग करे। तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु एक अत्यंत गंभीर घटना है, जिसकी निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत एक संप्रभु और स्वाभिमानी राष्ट्र है। किसी भी विदेशी शक्ति के सामने राष्ट्रीय हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। देश की जनता यह जानना चाहती है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या रणनीति बनाई गई है।
मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना देशभक्ति का हिस्सा है। यदि भारतीय नागरिकों की जान जाती है तो सरकार का दायित्व है कि वह संसद और देश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करे तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए।
उन्होंने मृतक नाविकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। भारत सरकार को चाहिए कि वह पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सहायता प्रदान करे तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा मजबूती से उठाए।




