एसआरएमयू में संचालित कार्यशाला के अंतिम दिन छात्रों को दी ट्रेडिंग की व्यावहारिक जानकारी
रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कॉमर्स एवं इकोनॉमिक्स द्वारा आयोजित दो दिवसीय “स्मार्ट ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट” विषयक कार्यशाला का दूसरा और अंतिम दिन मंगलवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ

NIT-News
बाराबंकी। श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कॉमर्स एवं इकोनॉमिक्स द्वारा आयोजित दो दिवसीय “स्मार्ट ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट” विषयक कार्यशाला का दूसरा और अंतिम दिन मंगलवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। दूसरे दिन की कार्यशाला में परम कैपिटल्स के चेयरमैन एवं प्रसिद्ध इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट मुकुल अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में विशेष सत्र संबोधित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल एवं शैक्षणिक सलाहकार आरुषी अग्रवाल ने सन्देश भेजकर कार्यशाला की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान करती हैं, जो उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर और वित्तीय रूप से सशक्त बनाएंगी। समापन सत्र में मुख्य रूप से इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज़ के डायरेक्टर एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) बी. एम दीक्षित, रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) हिमेंद्र शर्मा, कॉमर्स एवं इकोनॉमिक्स की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. वीना सिंह, आईक्यूएसी की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) ऋतु चंद्रा, मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष (डॉ.) मधु दीक्षित, प्रो. (डॉ.) रज़ाउर रहमान समेत सभी संस्थानों के डायरेक्टर, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता समेत सभी का स्वागत करते हुए कॉमर्स एवं इकोनॉमिक्स की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वीना सिंह ने कहा कि आज का सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि शेयर बाजार, स्मार्ट ट्रेडिंग और निवेश के व्यावहारिक ज्ञान की आज छात्रों को बेहद आवश्यकता है। किताबी ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक बाजार की समझ, जोखिम प्रबंधन और सही रणनीति छात्रों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। कार्यशाला में मुकुल अग्रवाल ने छात्रों को शेयर बाजार की वास्तविकताओं, स्मार्ट ट्रेडिंग स्ट्रेटजी, टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस, रिस्क मैनेजमेंट तथा सफल निवेशकों की मानसिकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि “ट्रेडिंग कोई जुआ नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और धैर्य का खेल है।” श्री अग्रवाल ने लाइव चार्ट एनालिसिस, सफल ट्रेडिंग के केस स्टडी और छात्रों के विभिन्न प्रश्नों का भी उत्तर दिया। कार्यशाला के समापन सत्र में मैनेजमेंट विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधु दीक्षित एवं कार्यशाला के संयोजक प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों के लिए वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। कार्यशाला में बड़ी संख्या में शिक्षकों, निवेशकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला के संयोजक प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार, सह-संयोजक डॉ. सैयद मोहम्मद अजीम एवं दीपक शुक्ला के नेतृत्व में आयोजन समिति की टीम डॉ. आशा श्रीवास्तव, शुभी अस्थाना, स्मृति सिंह, अवंतिका त्रिपाठी एवं श्रमिष्ठा ने सफल आयोजन के लिए सराहनीय कार्य किया।




