दलित मान-सम्मान के लिए RPI(A) की बड़ी मांग: मुख्यमंत्री को लिखा पत्र; ‘समाज भवन’ और महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना की अपील।
प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन भाई गुप्ता ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में जब समाज के लोग अपनी निजी भूमि पर भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर या अन्य महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं,

Nayer Azam
लखनऊ | दिनांक: 11 अप्रैल, 2026 रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन भाई गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दलित और अति-दलित समाज की भावनाओं और उनकी सामाजिक आवश्यकताओं से जुड़े गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पार्टी ने प्रदेश में महापुरुषों की प्रतिमा स्थापना में आने वाली प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने और महाराष्ट्र की तर्ज पर ‘समाज भवन’ बनाने की महत्वपूर्ण मांग रखी है।
प्रशासनिक जटिलताओं पर उठाए सवाल
प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन भाई गुप्ता ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में जब समाज के लोग अपनी निजी भूमि पर भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर या अन्य महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं, तो जिला प्रशासन (DM एवं SP) द्वारा अनुमति की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब किया जाता है। पत्र में आग्रह किया गया है कि इस प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाए ताकि समाज अपने महापुरुषों के प्रति सम्मान प्रकट कर सके।
दिखावे के बजाय धरातलीय सहयोग पर जोर
सरकार की ‘छतरी योजना’ के संदर्भ में पार्टी ने स्पष्ट मत रखा है कि दलित समाज अपने निजी सहयोग से मूर्तियों पर छतरी लगवाने में सक्षम है। वास्तविक आवश्यकता ‘दिखावे’ की नहीं, बल्कि प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थापना के मार्ग में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को हटाने की है।
उत्तर प्रदेश में ‘समाज भवन’ की आवश्यकता
श्री गुप्ता ने पत्र में महाराष्ट्र सरकार का उदाहरण देते हुए उत्तर प्रदेश में भी ‘समाज भवन’ योजना लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महाराष्ट्र में विभिन्न समाजों के लिए भवन बनवाए जाते हैं, उसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश के अति-दलित बाहुल्य क्षेत्रों में भी सामुदायिक भवनों का निर्माण होना चाहिए। इन भवनों का उपयोग वंचित वर्गों के सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा
आरपीआई (आ.) ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वे जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी करें। श्री पवन भाई गुप्ता ने विश्वास जताया है कि वर्तमान सरकार दलित समाज के इन भावनात्मक और विकासपरक विषयों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगी।




