“नवकार महामंत्र शांति, संयम और करुणा का प्रतीक”: राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ में आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम में महामहिम महोदया जी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं, गणमान्य अतिथियों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म की महान आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है, जो मानव जीवन में शांति, संयम, करुणा एवं सद्भाव का संदेश देता है।

न्यू इनफार्मेशन टुडे – न्यूज
दिनांक 09 अप्रैल, 2026 माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि गांधी सभागार, जन भवन (राजभवन), लखनऊ में आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम में महामहिम महोदया जी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं, गणमान्य अतिथियों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म की महान आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है, जो मानव जीवन में शांति, संयम, करुणा एवं सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने मंच से नवकार महामंत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंत्र संपूर्ण मानवता के कल्याण, आत्मशुद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर समाज में शांति एवं सद्भाव स्थापित करने में योगदान दें। इस अवसर पर माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठजनों एवं विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया तथा आयोजकों द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथियों के मध्य स्मृति चिह्न एवं प्रमाण-पत्रों का आदान-प्रदान भी किया गया। साथ ही, उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समाज के वरिष्ठ सदस्यों से भेंट कर उनका अभिनंदन किया एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, जैन समाज के पदाधिकारी, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक, श्रद्धा एवं उत्साह से परिपूर्ण रहा।




