मऊ का महादेव घाट बना आस्था और पर्यटन का नया केंद्र, तमसा आरती में पहुंचे ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा
मऊ के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित महादेव घाट अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है। एक कंपनी के सीएसआर (CSR) फंड से विकसित इस घाट पर नौका विहार, सायंकालीन भ्रमण और आकर्षक निर्माण जैसी सुविधाएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं।

Dinesh prajapati
मऊ के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित महादेव घाट अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है। एक कंपनी के सीएसआर (CSR) फंड से विकसित इस घाट पर नौका विहार, सायंकालीन भ्रमण और आकर्षक निर्माण जैसी सुविधाएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं। यहां बनारस की प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर “तमसा आरती” की शुरुआत की गई है, जिसने स्थानीय लोगों और आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा है।

तमसा आरती में उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा भी शामिल हुए। आरती के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि महादेव घाट पर स्थापित भगवान शिव की 150 फीट ऊंची प्रतिमा देश में अपनी ऊंचाई के कारण विशेष स्थान रखती है। मंत्री शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि जिस प्रकार वाराणसी के गंगा घाटों पर नियमित रूप से गंगा आरती आयोजित होती है, उसी प्रकार यहां भी तमसा आरती का नियमित आयोजन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र को एक दिव्य धाम के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अब केवल मऊ ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों और क्षेत्रों से लोग यहां घूमने और आरती में शामिल होने पहुंच रहे हैं। उन्होंने मधुबन क्षेत्र से आए एक परिवार का उदाहरण दिया, जो विशेष रूप से तमसा आरती देखने और भगवान के दर्शन के लिए आया था।उन्होंने यह भी बताया कि महादेव घाट धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन की व्यापक संभावनाएं विकसित कर रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। विपक्ष द्वारा विकास कार्यों पर उठाए जा रहे सवालों के संबंध में पूछे जाने पर ऊर्जा मंत्री ने हल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें। मैं नंदी जी के माध्यम से प्रार्थना करूंगा कि उन्हें सद्बुद्धि मिले।” इसके बाद वह आगे बढ़ गए।



