भुगतान न मिलने से नाराज आशाओं ने सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, कार्य बहिष्कार की चेतावनी
राजधानी के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1000 आशाओं की प्रतिनिधि के रूप में लक्ष्मी सोनकर के नेतृत्व में आशाओं के एक ग्रुप ने लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र बहादुर सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात कर आशाओं की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रस्तुत किया।

NIT-News
लखनऊ। राजधानी के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1000 आशाओं की प्रतिनिधि के रूप में लक्ष्मी सोनकर के नेतृत्व में आशाओं के एक ग्रुप ने लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र बहादुर सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात कर आशाओं की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रस्तुत किया।
बाद में आशाओं ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी से मुलाकात कर उनको भी ज्ञापन की प्रति सौंपी।संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि लखनऊ की आशाओं को जनवरी 2026 से किसी तरह का भुगतान नहीं हो रहा है ,जिसके कारण आशाओं में रोष है तथा लखनऊ की आशाएं कार्य बहिष्कार करने पर उतारू हैं।
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने इस संबंध में लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र बहादुर सिंह से दूरभाष पर वार्ता किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया की एनएचएम से बजट मिलने में विलंब के कारण भुगतान में देरी हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले हफ्ते में आशाओं का भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाएगा।
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आशाओं के प्रतिनिधि लक्ष्मी सोनकर एवं उनके साथ आई हुई आशाओं के ग्रुप को एक हफ्ते तक कार्य बहिष्कार स्थगित रखने का अनुरोध करते हुए अवगत कराया कि उनके बकाए मानदेय का भुगतान अगले सप्ताह तक हो जाएगा। अगले सप्ताह तक भुगतान न हो पाने की स्थिति में संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी, लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता करेंगे। यह जानकारी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी अरुणा शुक्ला ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से लखनऊ में दिया है।
उन्होंने अवगत कराया है कि संयुक्त परिषद के अध्यक्ष से मिलने वाले आशाओं के प्रतिनिधिमंडल में श्रीमती लक्ष्मी सोनकर,शबनम गौतम, दीपा शर्मा, तारावती, सोनी देवी, रागिनी यादव, पुष्पा पांडे ,विद्या देवी, किरण, नीतू श्रीवास्तव, रीता बाजपेई, आरती पाल एवं सुनीता शामिल थीं।




