अयोध्या पहुंचे गौतम अडानी, राम मंदिर में किया दर्शन-पूजन; बताया आस्था और आत्मविश्वास का प्रतीक
अयोध्या। गुरूवार को मशहूर उद्योगपति व अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रामनगरी अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन किए।

संजय कुमार सिंह
अयोध्या। गुरूवार को मशहूर उद्योगपति व अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रामनगरी अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर को भारत की आस्था, संस्कृति और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। मीडिया से बातचीत में गौतम अडानी ने कहा कि आज मुझे और मेरे परिवार को प्रभु श्रीराम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह मेरे जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श हमें सत्य, सेवा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने देश की निरंतर प्रगति के लिए प्रभु श्रीराम से आशीर्वाद की कामना भी की। अडानी ने अयोध्या में करीब दो घंटे बिताए। उनके साथ उनकी पत्नी प्रीति अडानी और पुत्र करण अडानी भी साथ रहे। उन्होंने हनुमान मंदिर व माता दुर्गा मंदिर सहित उप मंदिरों में भी दर्शन-पूजन किया। मंदिर में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उन्हें निर्माण कार्यों की जानकारी दी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से उनका भव्य अभिनंदन किया गया। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र ने बताया कि अडानी ने प्रत्यक्ष रूप से कोई दान नहींं दिया है। दानपात्र में गुप्त दान दिया हो तो कुछ कह नहीं सकते। इस दौरान गोपाल राव, डॉ़ चंद्रगोपाल पांडेय, एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे मौजूद रहे।
राम मंदिर दर्शन के बाद गौतम अडानी श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय पहुंचे। यहां विद्यालय के प्राचार्य वीरेंद्र कुमार पांडेय की अगुवाई में बच्चों ने संस्कृत वेद मंत्रों के साथ उनका अभिनंदन किया। अडानी ने बच्चों के साथ समय बिताया और समूह फोटो भी खिंचवाई। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने गुरुकुल परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि आज के एआई युग में भारतीय संस्कृति को और सशक्त बनाने की जरूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गुरुकुल के समग्र विकास के लिए अडानी फाउंडेशन हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने गुरुकुल की यज्ञशाला में हवन-पूजन में भाग लिया और परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम में संस्था के प्रबंधक अंजनी कुमार गर्ग, मंत्री उमा दयाल मिश्र, पूर्व मंत्री भानुप्रताप सिंह, आचार्य देव मिश्र, आचार्य अरुण मिश्र सहित अन्य उपस्थित रहे।




