यूपी की सियासत में हलचल: डॉ. एम.एच. खान ने छोड़ी बसपा, अखिलेश की मौजूदगी में हुए सपा में शामिल।
बसपा को झटका: डॉ. एम.एच. खान अब थामेंगे सपा का 'साइकिल'

दिनेश प्रजापति
बसपा को झटका: डॉ. एम.एच. खान अब थामेंगे सपा का ‘साइकिल’
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व वरिष्ठ नेता डॉ. एम.एच. खान आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए हैं।
लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
अखिलेश यादव ने डॉ. खान का पार्टी में स्वागत करते हुए इसे संगठन के लिए मजबूती बताया।
डॉ. खान बसपा के एक प्रमुख चेहरे रहे हैं और उनकी मुस्लिम समुदाय में अच्छी पकड़ मानी जाती है।
सपा में शामिल होते ही उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब वे टीवी चैनलों पर सपा के आधिकारिक पैनलिस्ट के तौर पर पार्टी का पक्ष रखेंगे।
उनकी तार्किक शैली और बेबाक अंदाज को देखते हुए सपा ने उन्हें मीडिया विंग में जगह दी है।
बसपा छोड़ने के पीछे डॉ. खान ने पार्टी की वर्तमान नीतियों और कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया।
डॉ. खान के आने से सपा को अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आगामी चुनावों से पहले सपा अपने संगठन को नए और अनुभवी चेहरों के साथ धार दे रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे बसपा के जमीनी कार्यकर्ताओं में सेंध लग सकती है।
डॉ. खान ने कहा कि वे अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले से प्रभावित हैं।
समाजवादी पार्टी अब अपनी मीडिया टीम को और अधिक आक्रामक और प्रभावी बना रही है।
इस बदलाव से उत्तर प्रदेश की चुनावी बिसात पर नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।



