उत्तर प्रदेश
डीडीयू में लेबर लॉ पर आधारित पुस्तक का विमोचन, भविष्य की चुनौतियों पर केंद्रित है यह हैंडबुक।
लेबर से जुड़े मुद्दे पर शोध की आवश्यकता बढ़ी- कुलपति इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्रम से जुड़े मुद्दों पर गंभीर शोध और सार्थक विमर्श की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है

Raj Saxena
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सोमवार को “हैंडबुक ऑन लेबर: इमर्जिंग चैलेंजेज, रियलिटीज एंड फ्यूचर” और “मीडिया एंड टेलीकम्युनिकेशन: लीगल प्रिंसिपल्स फॉर द डिजिटल ऐज” किताब का विमोचन किया।हैंडबुक का संपादन डॉ. वंदना सिंह, जूही दुबे और देव धर दुबे ने किया है। जबकि प्रकाशन इंटीग्रिटी एजुकेशन इंडिया की ओर से किया गया है। खास बात यह कि इस किताब की प्रस्तावना कुलपति प्रो. पूनम ने ही लिखी है।वहीं मीडिया एंड टेलीकम्युनिकेशन का संपादन लॉ शोधकर्ता देव धर दुबे ने किया है।लेबर से जुड़े मुद्दे पर शोध की आवश्यकता बढ़ी- कुलपति इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्रम से जुड़े मुद्दों पर गंभीर शोध और सार्थक विमर्श की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। आर्थिक परिवर्तन, तकनीकी प्रगति और बदलते कार्य-परिवेश के कारण श्रमिकों के अधिकारों और उनके कल्याण से जुड़े प्रश्न लगातार नए रूप में सामने आ रहे हैं।किताब के संपादकों ने बताया कि यह हैंडबुक भारत में श्रम कानूनों और नीतियों के सामने मौजूद उभरती चुनौतियों, जमीनी वास्तविकताओं और भविष्य की संभावनाओं का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।डॉ. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तक श्रम कानून और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अध्ययन करने वाले छात्रों, शोधार्थियों, नीति-निर्माताओं और विधि विशेषज्ञों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री साबित होगी। इस दौरान विधि विभाग के अध्यक्ष प्रो. चंद्रशेखर, प्रो. जितेंद्र मिश्र सहित विभाग के अन्य शिक्षक और शोधार्थी मौजूद रहे।




