राष्ट्रीय सम्मेलन में गूंजी उत्तराखंड की आवाज: मदरसों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर दिग्गजों से मिला समर्थन
देहली के कांस्टीट्यूशन क्लब में मुस्लिम दानिश्वरान, मज़हबी उलमा और सियासी क़ायदीन का नुमाइंदा इजलास हुआ। जिसमें पूरे मुल्क से सिर्फ 100 शख़्सियात को दावत दी गई थी। अल्लाह के फ़ज़ल ओ करम से उत्तराखंड की नुमाइंदगी तन्हा इस खादिम ने की।

Nayer Azam
24 जुलाई बरोज़gar जुमा देहली के कांस्टीट्यूशन क्लब में मुस्लिम दानिश्वरान, मज़हबी उलमा और सियासी क़ायदीन का नुमाइंदा इजलास हुआ। जिसमें पूरे मुल्क से सिर्फ 100 शख़्सियात को दावत दी गई थी। अल्लाह के फ़ज़ल ओ करम से उत्तराखंड की नुमाइंदगी तन्हा इस खादिम ने की। उत्तराखंड के मसाइल अक़लियतों पर होने वाले मज़ालिम और ख़ास तौर पर मदरसों को जो मुस्तकबिल में ख़तरात हैं उनपर बहुत बेबाकी से अपनी बात रखी जिसको कायदीन ने संजीदजी से सुना और पूरी मदद और हिमायत की यक़ीनदहानी कराई।
इस नुमाइंदा इजलास में जिन काबिले ज़िक्र हस्तियों ने शिरकत फरमाई उनमें, जनाब फारूक अब्दुल्लाह साबिक वज़ीर ए आला कश्मीर, महबूबा मुफ्ती साहिबा, जनाब सलमान खुर्शीद, मौलाना उबैदुल्लाह खान आज़मी, मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी एमपी, इमरान मसूद एमपी, इकरा हसन एमपी, जिया उर रहमान बर्क एमपी, जावेद खान एमपी, मंसूर अली खान एमपी, हमीदुल्लाह सईद एमपी, डॉ0 यासीन उस्मानी सिक्रेटरी आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड, अबू असीम आज़मी महाराष्ट्र, मौलाना कल्बे जव्वाद, चौ0 आफताब मला , फ़ुज़ैल अयूबी एड0सुप्रीम कोर्ट , एआर शमशाद ,एड0सुप्रीम कोर्ट, से0 सरवर चिश्ती दरगाह अजमेर, आगा रुहुल्ला मेहदी एमपी, कुंवर दानिश अली, के अलावा कसीर तादाद में मुख्तलिफ सूबों के साबिक एमपी एमएलए शरीक हुए। ये कांफ्रेंस apcr के संयोजक ओर साबिक एमपी जनाब मो0 अदीब साहब की तरफ से बुलाई गई थी। उमीद ए क़वी है इंशा अल्लाह इस से मसाइल का हल निमलेगा, नया हौसला पैदा होगा और मिल्लत इस्लामिया के लिए एक संग मील साबित होगी।




