लखनऊ

पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाकउल्ला ख़ाँ, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान को किया नमन

देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 9 अगस्त का दिन काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक घटना के लिए सदैव याद किया जाता है। इस अवसर पर जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा और निगहत खान के आवाहन पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा काकोरी कांड के अमर शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाकउल्ला ख़ाँ, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी एवं ठाकुर रोशन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अमर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया।

Govind Prajapati

लखनऊ।देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 9 अगस्त का दिन काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक घटना के लिए सदैव याद किया जाता है। इस अवसर पर जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा और निगहत खान के आवाहन पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा काकोरी कांड के अमर शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाकउल्ला ख़ाँ, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी एवं ठाकुर रोशन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अमर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने देश को अंग्रेज़ी हुकूमत से आज़ाद कराने के लिए अपने प्राणों की परवाह नहीं की और हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूम लिया। राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाकउल्ला ख़ाँ की दोस्ती भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल है। दोनों ने देश की आज़ादी के लिए कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया और अपने प्राणों का बलिदान देकर देशवासियों के सामने एकता एवं राष्ट्रप्रेम की मिसाल पेश की। राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को 17 दिसंबर 1927 को गोंडा जेल में तथा राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाकउल्ला ख़ाँ और ठाकुर रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 को फाँसी दी गई। इन चारों अमर शहीदों का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अमूल्य विरासत है। जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि आज़ादी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। हमारा कर्तव्य है कि हम शहीदों के सपनों के भारत के निर्माण के लिए आपसी प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करें। इस अवसर पर कवि वेद व्रत बाजपेई, रजिया नवाज़, मुर्तजा अली, ज़ुबैर अहमद, वामिक ख़ान, फ़हद, हलीमा, शालू, निखिल,फैजुद्दीन सिद्दीकी सहित जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट एवं संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने देश की एकता, अखंडता और गंगा-जमुनी तहज़ीब को मजबूत बनाए रखने तथा अमर शहीदों के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button