लखनऊ

सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स में फिल्म निर्देशक इम्तियाज़ अली के साथ विशेष संवाद: “मैं वापस आऊंगा”

सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स ने प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज़ अली के साथ ‘इन कन्वर्सेशन: मैं वापस आऊंगा’ का आयोजन किया। इस दो-भागीय कार्यक्रम में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म के निर्देशक से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। गोमती नगर, लखनऊ स्थित जैपुरिया कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम के दोनों सत्रों में लखनऊ और आसपास के जैपुरिया स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

NIT-News

लखनऊ, 6 अगस्त 2026: सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स ने प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज़ अली के साथ ‘इन कन्वर्सेशन: मैं वापस आऊंगा’ का आयोजन किया। इस दो-भागीय कार्यक्रम में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म के निर्देशक से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। गोमती नगर, लखनऊ स्थित जैपुरिया कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम के दोनों सत्रों में लखनऊ और आसपास के जैपुरिया स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए।यह कार्यक्रम विद्यालय की उस निरंतर पहल का हिस्सा था, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को साहित्य और सिनेमा की प्रतिष्ठित हस्तियों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। यह आयोजन इस वर्ष की थीम ‘भारतीय कला रूपों का उत्सव’ के अंतर्गत आयोजित किया गया।पहले सत्र की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा स्वागत और इम्तियाज़ अली की फिल्मी यात्रा पर आधारित एक विशेष वीडियो से हुई। इसके बाद सिनेमा की भावनाओं और कहानी कहने की कला से प्रेरित तीन सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियाँ दी गईं। ‘डायरेक्टर्स वॉइस’ शीर्षक से आयोजित मुख्य संवाद में इम्तियाज़ अली ने ‘मैं वापस आऊंगा’, भारत विभाजन, दोस्ती, प्रेम और अपने फिल्म निर्माण के अनुभवों पर खुलकर बातचीत की। विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछे और रैपिड फायर सत्र में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन स्मृति-चिह्न, धन्यवाद ज्ञापन और विद्यार्थियों के साथ अनौपचारिक मुलाकात के साथ हुआ।यह कार्यक्रम दूसरे सत्र के साथ आगे बढ़ा, जिसमें विद्यार्थियों ने फिल्म से प्रेरित अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इसके बाद इम्तियाज़ अली की फिल्मों से प्रेरित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं। फिर विद्यार्थियों ने उनसे सीधा संवाद किया और अपने प्रश्न पूछे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, स्मृति-चिह्न, सामूहिक छायाचित्र और विद्यार्थियों की भावपूर्ण विदाई के साथ हुआ। पूरे दिन का संदेश था—‘हर कहानी अपनी मंज़िल तक पहुँचती है।’
कार्यक्रम के दौरान इम्तियाज़ अली ने कहा, “आज मुझे सबसे अधिक खुशी इस बात की हुई कि इस उम्र के विद्यार्थियों ने ‘मैं वापस आऊंगा’ को इतनी गहराई से समझा। उनके प्रश्नों से पता चलता है कि उन्होंने केवल फिल्म ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े भाव, इतिहास और मानवीय रिश्तों को भी महसूस किया है। यह विश्वास और मजबूत होता है कि हमारे साझा इतिहास से जुड़ी कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को भी संवेदनशीलता, संवाद और विचार के लिए प्रेरित करती रहेंगी।”यह कार्यक्रम ‘मैं वापस आऊंगा’ पर विद्यार्थियों द्वारा पहले किए गए शैक्षणिक अध्ययन का विस्तार था, जिसमें उन्होंने 1947, 2026, 2047 और 2100 के संदर्भ में फिल्म को समझने का प्रयास किया था। आज का संवाद उस सीख को निर्देशक के साथ सीधे जुड़कर और अधिक जीवंत बना गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button