फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर ने होटल क्लार्क्स अवध में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सेमिनार आयोजित की
सुजाता का SU और तान्या का TA लेकर दो बहनों ने SUTA (सुता) के नाम से साड़ियों का ऐसा एंपायर खड़ा किया कि उनका ब्रांड महिला एंटरप्रेन्योरशिप की मिसाल बन गया।

गोविन्द प्रजापति
लखनऊ । सुजाता का SU और तान्या का TA लेकर दो बहनों ने SUTA (सुता) के नाम से साड़ियों का ऐसा एंपायर खड़ा किया कि उनका ब्रांड महिला एंटरप्रेन्योरशिप की मिसाल बन गया। नौ साल पहले, जब दुनिया को लगता था कि साड़ियों का चलन खत्म हो रहा है, तब सु और ता ने इस सोच को एक क्रांति में बदल दिया। उनके नाम मिलकर सुता बना। संयोग से बंगाली में “सुता” का अर्थ धागा भी होता है – यही वह सार है जिसे वे बुनना चाहती थीं। धागों और कहानियों से शुरू हुआ यह सफर आज एक आंदोलन बन गया है। सुता की संस्थापक सुजाता और तान्या विश्वास शुक्रवार को लखनऊ में थी। वे फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर के कार्यक्रम में भाग लेने आयीं थी। होटल क्लार्क्स अवध में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उनकी मौजूदगी में एक प्रेरणादायक आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में सुता सिस्टर्स ने भाग लिया, जिन्होंने अपने सपनों, दृढ़ संकल्प, और उद्यमशीलता के संकल्प की प्रेरणादायक यात्रा साझा की। उनकी कहानी ने उपस्थित महिला उद्यमियों को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें अपने जुनून को आगे बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की चेयरपर्सन वंदिता अग्रवाल ने कहा “इस कार्यक्रम के माध्यम से मैं सभी स्टार्टअप्स और महिला नेतृत्व करने वाले व्यवसायों की कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती हूं। हमने अपने सदस्यों के साथ फ्लो प्लेटफॉर्म साझा किया है ताकि वे अपने काम और अपनी यात्रा को प्रदर्शित कर सकें। मेरा मानना है कि फिक्की फ्लो प्लेटफॉर्म इतना शक्तिशाली है कि यह एक-दूसरे की विकास कहानियों को आगे बढ़ाने, विकसित करने और समर्थन देने में सक्षम है।”
इस इवनिंग का आयोजन काफी सोच-समझकर किया गया था जिसमें रोचक बातचीत, इंटरैक्टिव स्पीड नेटवर्किंग, नवीन विचारों की प्रस्तुति और सार्थक व्यावसायिक आदान-प्रदान शामिल थे। सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, बिजनेस कार्ड का आदान-प्रदान किया और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की खोज की। सूता सिस्टर्स की परंपराओं से परिवर्तन तक की प्रेरणादायक यात्रा ने सभी फ्लो सदस्यों को अपनी बाधाओं को पीछे छोड़, खुद पर विश्वास करने और भविष्य के लिए बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। “दो महिलाओं और उनके छह गज की कहानी” का समापन एक सशक्त संदेश के साथ हुआ, जिससे उपस्थित लोग प्रेरित, एक-दूसरे से जुड़े हुए और अपनी व्यावसायिक यात्रा में नए मुकाम हासिल करने के लिए तैयार हो गए। कार्यक्रम का संचालन अदिति जग्गी रस्तोगी ने किया।
कार्यक्रम में सूता की ओर से एक लकी ड्रा का आयोजन किया गया जिसमें तीन विजेताओं (पायल,ज्योति और तूलिका चंद्रा)को सूता की साड़ियां उपहार स्वरूप में दी गई।
कार्यक्रम में फ्लो की टेक्सटाइल हेड स्वाति वर्मा,सीनियर वाईस चेयरपर्सन सिमरन साहनी,देवांशी सेठ,सुप्रिया अग्रवाल,वनिता यादव, भावना अभिनेष सहित 150 से अधिक सदस्य उपस्थित थे।




