दोहरीघाट News: सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने से ऐतिहासिक धरोहरों पर मंडराने लगा खतरा
दोहरीघाट कस्बा स्थित सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के रुख से भारतमाता मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है।

दिनेश प्रजापति
जनपद मऊ- दोहरीघाट कस्बा स्थित सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के रुख से भारतमाता मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। बीते 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के जलस्तर पर नजर डालें तो शनिवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 68.40 मीटर रहा। शुक्रवार को यह 68.25 मीटर था। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 1.50 मीटर नीचे बह रही है।नदी का जलस्तर जैसे-जैसे खतरा बिंदु के करीब पहुंच रहा है, वैसे-वैसे तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ती ही जा रही है।
एक ओर जहां नदी के बढ़ते जलस्तर से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारतमाता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाकबंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर पर कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है, वहीं तटवर्ती इलाकों में पानी घुसने की आशंका से लोग नुकसान की आशंका जता रहे हैं।किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन और सिंचाई विभाग चौकन्ना हो गया है। बाढ़ चौकी से गौरीशंकर घाट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बंधों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। कटान रोकने के लिए नदी में बोल्डर गिराए जा रहे हैं।




