UP News: एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे यूपी के बस स्टेशन
परिवहन विभाग भी प्रदेश में यात्रियों को बेहतर, सरल सुविधाजनक एवं सुरक्षित गंतव्य के लिए अपने आधारभूत ढांचे को आने वाले समय के अनुकूल जनोपयोगी, बहुउद्देशीय बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री जी के मंशानुरूप और उनके सपनों का साकार करने के लिए परिवहन विभाग में आमूल-चूल परिवर्तन

गोविन्द प्रजापति /लखनऊ: 15 अप्रैल, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश का चातुर्दिक विकास किया जा रहा है। प्रदेशवासियों की सुख-सुविधाओं व सुरक्षा के बेहतर समाधान उपलब्ध कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हे। इसी क्रम में परिवहन विभाग भी प्रदेश में यात्रियों को बेहतर, सरल सुविधाजनक एवं सुरक्षित गंतव्य के लिए अपने आधारभूत ढांचे को आने वाले समय के अनुकूल जनोपयोगी, बहुउद्देशीय बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री जी के मंशानुरूप और उनके सपनों का साकार करने के लिए परिवहन विभाग में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सभी योजनाओं/परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे है, जिससे प्रदेश की ग्रामीण/शहरी बहुसंख्यक आबादी को सरल, सुलभ, व सुरक्षित परिवहन सुविधाओं के साथ परिवहन विभाग के क्रिया-कलापों में जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए बहुमूल्य बना रहे है।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर फेज 02 बस स्टेशन विकास परियोजना को महत्वपूर्ण स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रिमंडल द्वारा इस परियोजना के अंतर्गत डेवलपर चयन हेतु निविदाएं आमंत्रित करने को भी अनुमोदन दे दिया गया है। इस महत्वकांक्षी पहल के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न प्रमुख जनपदों में स्थित 49 बस स्टेशनों का आधुनिक विश्व स्तरीय एवं बहुउद्देशीय बस टर्मिनल के रूप में पुनर्विकास किया जाएगा, जिससे राज्य की परिवहन अवसंरचना को नई दिशा एवं गति प्राप्त होगी। इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में उन्नत एवं यात्री केंद्रीय सुविधाओं से युक्त आधुनिक बस टर्मिनल, स्वच्छता, सुरक्षा एवं डिजिटल सूचना प्रणालियों का सुदृढ़ व्यवस्था सुव्यवस्थित अवस्थित पार्किंग वाणिज्यिक परिसरों एवं सहायक सेवाओं का समावेश तथा स्मार्ट एवं टिकाऊ अवसंरचना का विकास करना है।
प्रदेश सरकार की यह परियोजना राज्य में रोजगार सृजन आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि तथा शहरी विकास को गति प्रदान करेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराएगी। पीपीपी मॉडल पर विकसित बस स्टेशनों में विशेष कर परियोजना डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड फाइनेंस ऑपरेट एवं ट्रांसफर) ढांचे पर आधारित होगी। राज्य सरकार/निगम पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं होगा। निजी निवेश के माध्यम से आधुनिक अवसंरचना का विकास किया जाएगा। भूमिका स्वामित्व नगर निगम के पास रहेगा जबकि विकास एवं संचालन का अधिकार कंसेशन नायर को प्रदान किए जाएंगे।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में आधुनिक एवं सुदृढ़ परिवहन और संरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगे और राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी। द्वितीय चरण के अंतर्गत विकसित कराए जाने वाले 49 बस स्टेशनों की सूची में फाउंडी नगर अकबरपुर (डिपो कार्यशाला), अमेठी, अयोध्या (ओल्ड बस स्टेशन) तरवा, रसड़ा, बेल्थरा रोड, बलरामपुर (डिपो कार्यशाला), हैदरगढ़, बस्ती, (डिपो कार्यशाला) नाहटौर, बदायूं ,बुलंदशहर (पुराना), खुर्जा ,देवरिया, एटा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, नोएडा (डिपो कार्यशाला), गढ़, लोनी, गोंडा, (डिपो कार्यशाला), हरदोई, हाथरस, जौनपुर, मछली शहर, बादशाहपुर, झांसी (नई भूमि), माती ,सराय अकिल, गोला, जानकीपुरम, कैसरबाग, सोनौली, निचलौल, विंध्याचल, मुरादाबाद (पीतल नगरी), मुजफ्फरनगर (नई भूमि), पीलीभीत, गुंडा, रामपुर, भिनगा, नैमिषारण्य, सिधौली, रावटर्सगंज, जगदीशपुर, उन्नाव, काशी (गोलगड्डा), चंदौली शामिल है।




