उत्तर प्रदेश

खरीद केंद्रों पर कहीं बारदानों की कमी, तो कहीं नमी के नाम पर लौटाए जा रहे किसान

उत्तर प्रदेश में गेहूं सहित रबी की फसलों की सरकारी खरीद शुरू हुए 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन धरातल पर स्थितियां इसके उलट हैं।

Nayer Azam

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गेहूं सहित रबी की फसलों की सरकारी खरीद शुरू हुए 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन धरातल पर स्थितियां इसके उलट हैं।

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने प्रदेश में व्याप्त बदहाल खरीद व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पवन भाई गुप्ता ने कहा कि बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसान पहले ही बर्बादी की कगार पर है, और अब सरकारी क्रय केंद्रों की अव्यवस्था उसकी कमर तोड़ रही है। राजधानी लखनऊ से सटे उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, बलरामपुर और गोंडा जैसे जनपदों में बारदानों (बोरों) की भारी किल्लत है। किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों पर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी बोरों की कमी तो कभी अनाज में नमी का बहाना बनाकर वापस लौटाया जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकारी केंद्रों से निराश होकर किसान अपनी खून-पसीने की उपज को स्थानीय स्तर पर औने-पौने दामों में बिचौलियों को बेचने के लिए मजबूर है। उन्होंने कहा, “सरकार का दावा है कि किसानों को एमएसपी का लाभ मिल रहा है, लेकिन हकीकत में बिचौलिए सक्रिय हैं और अन्नदाता को उसकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है।”

विशिष्ट उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर में क्रय केंद्रों का हाल सबसे बुरा है। वहां प्रभारियों को अभी तक जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके कारण वहां खरीद की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है। यह प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है।

पवन भाई गुप्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार से पुरजोर मांग की है कि ​गेहूं खरीद में आ रही सभी तकनीकी और संसाधनों की दिक्कतों को तत्काल दूर किया जाए। ​अधिकारियों की एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित कर एक ही दिन में पूरे प्रदेश के क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कराया जाए। इससे जमीनी हकीकत और अधिकारियों की लापरवाही खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी।

​यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी किसान को क्रय केंद्र से निराश होकर न लौटना पड़े।
​उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों की इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया किसानों के हक के लिए आवाज बुलंद करेगी।

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