लखनऊ

होम्योपैथी की विरासत पर लखनऊ में भव्य आयोजन कार्यक्रम में “होम्योपैथी – द लेगेसी ऑफ इंडिया” पुस्तक का विमोचन

सैमुअल हैनीमैन की 271वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य एवं ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 1000 होम्योपैथिक चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

गोविन्द प्रजापति लखनऊ।सैमुअल हैनीमैन की 271वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य एवं ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 1000 होम्योपैथिक चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में “होम्योपैथी – द लेगेसी ऑफ इंडिया” पुस्तक का विमोचन तथा एक विशेष ए आई फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसने यह संदेश दिया कि होम्योपैथी के मूल सिद्धांतों की जड़ें भारत की प्राचीन परंपरा में निहित हैं। कार्यक्रम में “विषमेव विषभस्य औषधिम्” के सिद्धांत को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिसे होम्योपैथी में “ सिमलिया सिमिलीबस क्यूंचर” के रूप में जाना जाता है—अर्थात समान से समान का उपचार।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि सैमुअल हैनीमैन द्वारा विकसित यह चिकित्सा पद्धति मानवता को एक कोमल, सुरक्षित और समग्र उपचार का मार्ग प्रदान करती है। उन्होंने डॉ. उमंग खन्ना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना काल में उनके द्वारा निःशुल्क उपचार एवं दवाओं का वितरण समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि यह समय अपने प्राचीन ज्ञान को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित करने का है। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में पुनः “विश्व गुरु” बनाने का संकल्प लें।
विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों जैसे पर्वतारोहण एवं सैन्य अभियानों में होम्योपैथिक औषधियों का उपयोग लाभकारी सिद्ध हो रहा है। वहीं, अन्य वक्ताओं ने भी इस चिकित्सा पद्धति की वैश्विक स्वीकार्यता पर प्रकाश डालते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के संदर्भ में इसे प्रमुख पूरक चिकित्सा प्रणालियों में से एक बताया। कार्यक्रम में श्री मुकेश शर्मा (सदस्य विधान परिषद) ने कहा कि ऑटिज्म, स्किज़ोफ्रेनिया जैसी जटिल बीमारियों में भी होम्योपैथी सकारात्मक परिणाम दे रही है, क्योंकि यह लक्षणों के आधार पर उपचार करती है। इस अवसर पर श्री अपरिमेय श्याम दास जी (अध्यक्ष इस्कॉन ), महंत श्री धर्मेंद्र दास जी (उदासीन अखाडा), मौलाना खालिद रशीद साहब, श्री अनुराग मिश्रा जी (पार्षद चौक), पदमश्री डॉ मदन लाल ब्रह्म भट्ट, डॉ प्रियंका मौर्या (सदस्य महिला आयोग) अब्दुल वहीद,महामंत्री,उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन,अजीज सिद्दीकी, चेयरमैन,पत्रकार परवेज अख्तर,सैय्यद गुलाम हुसैन, आमिर मुख्तार,इस्लाम खान,एन आलम,जमील मालिक, लाइक अहमद,समाजसेवी इमरान कुरैशी इत्यादि देश विदेश की महत्वपूर्ण विभूतियाँ उपस्थित रहीं । पीहू द्विवेदी , कृतिका कलांगन और स्तुति खन्ना ने कत्थक नृत्य से डॉक्टर्स का मन मुँह लिया। “the रागनेस बैंड ” ने गायन से समां बाँध दिया। समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि होम्योपैथी को वैज्ञानिक शोध, नैतिक चिकित्सा और जनसेवा के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाकर विश्व पटल पर भारत की चिकित्सा विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।

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