उत्तर प्रदेश

गेहूं खरीद केंद्रों पर कार्यकर्ताओं की पैनी नजर, किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं: पवन भाई गुप्ता

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने उत्तर प्रदेश में आगामी 30 मार्च से शुरू हो रहे 'रबी विपणन सत्र 2026-27' के तहत गेहूं खरीद को लेकर पार्टी के सभी जिला अध्यक्षों और जमीनी कार्यकर्ताओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Nayer Azam Prabhari

​लखनऊ। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने उत्तर प्रदेश में आगामी 30 मार्च से शुरू हो रहे ‘रबी विपणन सत्र 2026-27’ के तहत गेहूं खरीद को लेकर पार्टी के सभी जिला अध्यक्षों और जमीनी कार्यकर्ताओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश का प्रत्येक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र के सरकारी क्रय केंद्रों पर एक सतर्क प्रहरी की तरह सक्रिय रहे और व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करे।
​प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि केंद्रों पर किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं और खरीद प्रक्रिया में आने वाली किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा की जानकारी तत्काल प्रदेश नेतृत्व को उपलब्ध कराई जाए। श्री गुप्ता ने घोषणा की कि वह जल्द ही इस पूरे विषय पर जमीनी रिपोर्ट तैयार कर माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखेंगे और वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे।
RPI (A) की विस्तृत मांगें:
​पवन भाई गुप्ता ने किसानों के हित में सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगों को विस्तार से रखा है:
​समयबद्ध और पारदर्शी केंद्र संचालन: सभी चिन्हित स्थानों और मंडियों में बिना किसी देरी के क्रय केंद्र क्रियाशील किए जाएं। अक्सर देखा जाता है कि कागजों पर केंद्र खुल जाते हैं, लेकिन वहां तौल मशीनें या बारदाना उपलब्ध नहीं होता। सरकार सुनिश्चित करे कि 30 मार्च को सुबह से ही केंद्र पूरी तरह सक्रिय हों। ​48 घंटे में भुगतान की गारंटी: सरकार का निर्देश है कि खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान किसान के खाते में होना चाहिए। आरपीआई (ए) की मांग है कि बैंक और संबंधित विभाग समन्वय बनाकर काम करें ताकि तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी न हो। विलंब होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए। ​बिचौलियों और ‘माफिया’ तंत्र पर प्रहार: प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि केंद्रों पर केवल वास्तविक किसान ही अपना अनाज बेच सकें। बिचौलिए और फर्जी पंजीकरण कराने वाले लोग अक्सर सरकारी लाभ हड़प लेते हैं और किसानों का आर्थिक शोषण करते हैं। ऐसे तत्वों पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ​केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं: तपती धूप और गर्मी को देखते हुए प्रत्येक क्रय केंद्र पर किसानों के बैठने के लिए छायादार स्थान, शुद्ध पेयजल और अनाज रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षित भंडार की व्यवस्था होनी चाहिए। ​पृष्ठभूमि एवं लक्ष्य: ​उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 30 मार्च से 15 जून तक गेहूं खरीद का व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसमें 50 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। लगभग 7000 सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से होने वाली इस खरीद में सरकार की मंशा सीधे अन्नदाता को लाभ पहुँचाने की है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) का संकल्प है कि अंतिम छोर पर खड़े किसान को उसकी उपज का सही मूल्य (MSP) मिले और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।

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