महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 100 जिलों में ‘महिला शक्ति केंद्र’ का शुभारंभ किया
त्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी आज होटल हायत, गोमती नगर में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वाधान में महिला शक्ति लोगो का उद्घाटन एवं 100 जिलों में महिला शक्ति केंद्र का शुभारम्भ, पुस्तक का विमोचन (महिला शक्ति केंद्र के माध्यम से लेंगिक समानता एवं सशक्तिकरण एवं TRI की महिला शक्ति केंद्र पुस्तक) एवं NGO's के साथ MOU हस्ताक्षर किये और राज्य स्तरीय कार्यशाला में सम्मलित हुए.
गोविन्द प्रजापति/लखनऊ, /उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी आज होटल हायत, गोमती नगर में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वाधान में महिला शक्ति लोगो का उद्घाटन एवं 100 जिलों में महिला शक्ति केंद्र का शुभारम्भ, पुस्तक का विमोचन (महिला शक्ति केंद्र के माध्यम से लेंगिक समानता एवं सशक्तिकरण एवं TRI की महिला शक्ति केंद्र पुस्तक) एवं NGO’s के साथ MOU हस्ताक्षर किये और राज्य स्तरीय कार्यशाला में सम्मलित हुए.
श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को ‘आधी आबादी’ मानती है और उन्हें पूरा अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि एक सशक्त भारत बनाने के लिए महिलाओं का सशक्त और स्वस्थ होना अनिवार्य है। झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे हैं, कच्चे घर में रह रहे हैं. छप्पर डालकर के गरीब परिवार के साथ रह रहे हैं. उनको भी एक सर छुपाने के लिए स्थान होना चाहिए.श्री मौर्य जी ने कहा की मा० प्रधानमंत्री जी ने 4 करोड़ पक्के आवास दिए अब 3 करोड़ और पक्के आवास देने जा रहे है, प्रधानमन्त्री जी द्वारा 4 करोड़ आवास दिए गए और 3 करोड़ दिए जा रहे हैं. अधिकारी MOU की निगरानी करें की कब और कैसे काम कर रहे हैं, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम सरकारी कार्यालय, हॉस्पिटल और स्कूल/महाविद्यालय में सामग्री की खरीद कराएँ. 1 करोड़ दीदी बनी और इसे बढ़ाकर 3 करोड़ दीदी बनाना है. 30 लाख लखपति दीदी बनी है इनको 1 करोड़ दीदी बनाना है. डबल इंजन सरकार की कानून व्यवस्था की चर्चा देश के प्रतिएक राज्य ही नही अपितु विदेशों में हो रही है
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ये समूह अब केवल छोटे काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिलाएं अब ‘माइक्रो-एंटरप्रेन्योर’ (सूक्ष्म उद्यमी) के रूप में उभर रही हैं। मिशन शक्ति, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन प्रदान करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि आज हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अच्छा मानदेय कमा रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम महिलाओं के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कड़ा संदेश दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री जी ने अंत में कहा की डबल इंजन सरकार महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल माध्यमों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।लखपति महिला कार्यक्रम :- उत्तर प्रदेश को लखपति महिला कार्यक्रम के अंतर्गत तीन वर्ष में 28.92 लाख स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की वार्षिक आय को रुपये एक लाख या अधिक करने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने जनवरी 2023 तक स्वयं सहायता समूह मे जुड़ी 74 लाख स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को ग्रामीण विकास मंत्रालय के लखपति दीदी एप् पर आय के स्रोतों के सर्वे का कार्य 100% पूर्ण किया गया। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा जारी डिजीटल आजीविका रजिस्टर के माध्यम से चिन्हित लखपति दीदियों की आय का विवरण भरा जा रहा है। इसके तहत अभी तक 33 लाख से अधिक दीदियों का आजीविका रजिस्टर भरा गया है। इस रजिस्टर के आधार पर 17.09 लाख महिलाएँ लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं। BC सखी (Banking Correspondent Sakhi) :- ग्रामीण क्षेत्र में गाँव में ही वित्तीय समावेशन गतिविधि के माध्यम से वित्तीय लेन देन एवं विभिन्न योजनाओं से ग्राम वासियों को लाभान्वित करने एवं प्रोत्साहित करने के दिशा में माननीय मुख्य मंत्री जी के मार्ग दर्शन से प्रदेश की सभी 57695 ग्राम पंचायतो // में (one GP one BC Sakhi) विभिन्न बैंको के माध्यम से पदस्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजनाः (AGEY) :- यह योजना प्रदेश के दूरदराज के ग्रामों को ब्लॉक मुख्यालय एवं कस्बों से जोड़ने हेतु क्रियान्वित की जा रही है। वर्तमान में कुल 503 वाहनों का संचालन किया जा रहा है। योजना से प्रति महिला वाहन मालिक को औसतन 7000-9000 रूपए की मासिक आय का सृजन किया गया है।
उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड :-उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के साथ अभिसरण के माध्यम से आजीविका संवर्धन एवं महिलाओं के आय सृजन हेतु मा० मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा एवं दूरगामी मार्गदर्शन के फलस्वरूप प्रदेश के सभी 75 जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत् बिलों के कलेक्शन का कार्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओ से कराया जा रहा है। वर्तमान में कुल 30424 महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का चयन किया गया है जिसमें से 15266 सक्रिय सदस्यों द्वारा 2982 करोड़ रूप्ए का बिल कलेक्शन समबन्धित कार्य किया.
उचित दर की दुकान का स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालन :- खाद्य एवं रसद विभाग से अभिसरण के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित की जाने वाली उचित दर की दुकान का संचालन स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों के माध्यम से किया जाना है। एक जनपद एक उत्पाद (ODO) के अंतर्गत उद्योग एवं उ०प्र० राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मध्य समझौता ज्ञापन किया गया है जिसके अनुसार प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों को एक जनपद एक उत्पाद योजना का लाभ दिलाया जायेगा तथा प्रदेश, राष्ट्र एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेलों में सहभागिता कराये जाने की कार्यवाही भी की जा रही है।
झलकारी बाई महिला प्रोड्यूसर कंपनी :-जनपद झांसी के 4 एवं महोबा के 3 विकास खंडो के कमोडिटी वैल्यू चैन परियोजना स्वीकृत, 3 वर्ष में 17406 महिला किसानो को जोड़ना, 16.36 करोड़ रु का बजट प्रविधान, 16.88 करोड़ रू कम्पनी को निर्गत। गेहू मेंथा एवं धान को एकत्र कर प्रसंस्करण करते हुए बिक्री, अभी तक 12139 महिला सदस्य कंपनी के शेयर धारक बने है एवं 72 कलेक्शन केन्द्रों द्वारा 14816 कुन्तल मूंगफली एवं 152.22 कुन्तल चना एवं सफेद मटर का क्रय किया गया है। काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी :-जनपद बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर एवं चंदौली के 1000 ग्रामों में दुग्ध वैल्यू चैन परियोजना स्वीकृत। दुग्ध का संग्रह करते हुए उसकी उसकी प्रसंस्करण करते हुए बिक्री। 3 वर्ष में 35000 दुग्ध उत्पादकों को जोड़ना। 42.23 करोड़ रु० का बजट प्राविधान, 22.79 करोड़ रू० कम्पनी को निर्गत। वर्तमान में कंपनी के 40733 महिला सदस्य बन चुके हैं एवं 468 गाँव में दुग्ध संग्रहण का कार्य किया जा रहा है, प्रतिदिन लगभग 1 लाख लीटर लगभग दुग्ध का संग्रहण किया जा रहा है। कम्पनी द्वारा अभी तक 532.50 करोड़ रु का कारोबार किया गया है और इसके द्वारा अपनी कुल कमाई का 87 प्रतिशत महिला किसान शेयर धारको को दुग्ध की कीमत, डिविडेंट के माध्यम से वापिस कर रही है।
थारू हस्तशिल्प वैल्यू चैन :-जनपद लखीमपुर खीरी के 12 ग्रामो में थारू हस्त शिल्प के वैल्यू चैन हेतु परियोजना प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित । थारू हस्त शिल्प के विभिन्न उत्पादों को तैयार कर विभिन्न माध्यमो से बिक्री किया जाना प्रस्तावित । 3 वर्ष में 325 महिला कारीगर को जोड़ना, 3.80 करोड़ रू. का बजट प्राविधान। कम्पनी का निर्माण किया जा चुका है तथा 70 मेम्बर जोड़ते हुए 250 महिलाओं का मोबलाइजेषन किया गया है।
थारू हस्तशिल्प वैल्यू चैन :-जनपद लखीमपुर खीरी के 12 ग्रामो में थारू हस्त शिल्प के वैल्यू चैन हेतु परियोजना प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित । थारू हस्त शिल्प के विभिन्न उत्पादों को तैयार कर विभिन्न माध्यमो से बिक्री किया जाना प्रस्तावित । 3 वर्ष में 325 महिला कारीगर को जोड़ना, 3.80 करोड़ रू. का बजट प्राविधान। कम्पनी का निर्माण किया जा चुका है तथा 70 मेम्बर जोड़ते हुए 250 महिलाओं का मोबलाइजेषन किया गया है। श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी :-श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोडूसर कंपनी का गठन 29.08.22 को किया गया। NDS एवं मिशन के बीच अनुबंध पत्र हस्ताक्षरित । प्रदेश सरकार द्वारा उक्त वैल्यू चेन हेतु 34.44 करोड़ की परियोजना स्वीकृत। गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर एवं देवरिया हेतु 523 ग्रामों एवं 27000 महिलाओं की परियोजना है। भविष्य में लगभग 800 गांवो की 40 हज़ार से ज्यादा दुग्ध उत्पादक महिलाओं को इससे जोड़ने का लक्ष्य है। पीड़ित महिलाओं की सहायता हेतु स्वास्थ्य प्रदाता, आशा दीदी, जीविका समूह की दीदी, आंगनवाड़ी दीदी के माध्यम से सुरक्षा आदेश, वित्तीय राहत, रहने का आदेश, मुआवज़ा आदेश, परामर्श कानूनी सलाह, चिकित्सीय सहयोग,महिला इनसे मदद पा रही हैं. उत्तर प्रदेश में मा० योगी की सरकार में 9 लाख पारदर्शी सरकारी नौकरी दी जा चुकी हैं. इस अवसर पर राज्यमंत्री ग्राम्य विकास श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम जी, प्रमुख सचिव अनिल कुमार, आयुक्त ग्राम्य विकास जी एस प्रियदर्शी, श्रीमती रिमझिम जैन, विशेष सचिव गृह श्रीमती मंजू लता, निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्रीमती दीपा रंजन एवं निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक और NGO (सी-3)के अधिकारीगढ़, जिला एवं ब्लाक स्तर के अधिकारी भारी संख्या में सम्मलित हुए.