आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वावद्यालय में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ
आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वावद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मोटे अनाजों पर आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण विषय पर महिलाओं को जागरूक किया जाएगा।

अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
अयोध्या। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वावद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मोटे अनाजों पर आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण विषय पर महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। प्रशिक्षण के पहले दिन मोटे अनाजों से मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने, मिलेट, पास्ता बनाने की विधि, पोषण महत्व तथा इसके माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डा. प्रतिभा सिंह ने कहा कि आने वाला समय श्रीअन्न का है। यह हमारे लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज जैसे पोषक तत्व होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं। सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डा साधना सिंह ने बताया कि मोटे अनाज से मूल्य संवर्धन उत्पादन तैयार कर घर बैठे-बैठे आप अपनी आय को बढ़ा सकती हैं। उन्होंने बताया कि मोटे अनाजों को पीसकर महिलाएं घर में ही बिस्कुट और कुकीज, ब्रेड, नूडल्स और पास्ता, बेबी फूड आदि बना सकतीं हैं। डा. साधना ने बताया कि मोटे अनाजों को पीसकर प्रोटीन पाउडर भी बनाया जा सकता है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा। अधिष्ठाता डा. साधना सिंह के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपकार द्वारा वित्त पोषित परियोजना के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। डा. श्वेता चौधरी ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डा. श्वेता चौधरी ने किया। प्रशिक्षण में आस-पास की 36 ग्रामीण महिलाओं ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर डा. संजीत कुमार, डा. शिवनाथ, डा. गिरिश गोयल मौजूद रहे।




