चंद्रशेखर आजाद ने खुद को गोली नहीं मारी थी: सूर्यकांत पाण्डेय
देशभक्त चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर हुई गोष्ठी

गोविन्द प्रजापति
अयोध्या। अशफाक उल्ला खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पाण्डेय ने कहा कि चंद्र शेखर आजाद ने खुद को गोली नहीं मारी थी।यह हत्यारों का उनकी लोकप्रियता का भय ही था कि उन्होंने उनके द्वारा खुद को गोली मारने की अफवाह फैला दी। उन्होंने कहा कि आजाद के पास जिंदा 14 कारतूस और लगभग चार सौ रुपए बरामद हुए थे। आजाद के शहादत दिवस पर अपने आवास ओमपुरम कालोनी में संपन्न गोष्ठी में उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण प्रताप सिंह की अध्यक्षता तथा भाकपा माले के जिला प्रभारी अतीक अहमद के संचालन में संपन्न शहादत दिवस में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उन्हें तीन गोलियां मारने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि सबसे दुखद पहलू आजादी के बाद उनकी माता जगरानी देवी की उपेक्षा रही। जिन्हें देश को आजाद कराने वाले को भोजन को तरसना पड़ा।यह आजादी के बाद क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े लोगों का अपमान था। जिसके लिए जिम्मेदार सरकारों को माफ नहीं किया जाएगा। गोष्ठी में संस्थान के अध्यक्ष ज़फ़र इक़बाल, कोषाध्यक्ष अब्दुल रहमान भोलू , सेक्रेटरी,विश्व प्रताप सिंह अंशू, विकास सोनकर,शिवम् विश्वकर्मा,नीशू जायसवाल, संतोष कुमार तिवारी,ऋषिओम पाण्डेय, अनिल मौर्या आदि मौजूद थे।




