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सीमांचल में अमित शाह, बंगाल-बिहार के 10 नेता मौजूद:RJD का दावा- केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी

भारत के गृहमंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बिहार (सीमांचल) दौरे का आज दूसरा दिन है। उनके साथ बिहार और बंगाल के करीब 10 नेता मौजूद हैं। शाह किशनगंज स्थित MGM मेडिकल कॉलेज में सुबह 9 से 10 बजे तक इन नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे महाविद्यालय के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

न्यू इर्न्फोमेशन टुडे न्यूज

भारत के गृहमंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बिहार (सीमांचल) दौरे का आज दूसरा दिन है। उनके साथ बिहार और बंगाल के करीब 10 नेता मौजूद हैं। शाह किशनगंज स्थित MGM मेडिकल कॉलेज में सुबह 9 से 10 बजे तक इन नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे महाविद्यालय के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे माछमारा हवाई पट्टी पहुंचेंगे और वहां से सीमा सुरक्षा बल के हेलीकॉप्टर से अररिया के लिए प्रस्थान करेंगे। बुधवार को किशनगंज में प्रशासनिक बैठक के बाद अमित शाह ने बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल के आवास पर देर रात दूसरी बैठक की, जो काफी देर तक चली।

इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी नेताओं के साथ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें 2026 में प्रस्तावित पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। अमित शाह के दौर पर राजद विधायक और पार्टी महासचिव रणविजय साहू ने दावा किया कि शाह बिहार और बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहते हैं। उनके दौरे का यही मकसद है। ताकि आगामी बंगाल चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण हो सके। जबकि बीजेपी का कहना है कि ​सीमावर्ती इलाकों में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान अब तेज होगी। भारत अब धर्मशाला नहीं बनेगा, जहां कोई भी बिना अनुमति के दाखिल हो सके।

अमित शाह बुधवार शाम करीब 4:30 बजे किशनगंज पहुंचे। उनके साथ बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल रहे। दूसरी ओर, भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सराओगी भी देर शाम किशनगंज पहुंचे। दौरे का सबसे अहम हिस्सा किशनगंज के मिर्ची सभागार में हुई हाई लेवल बैठक रही। यहां गृह मंत्री अमित शाह ने जिला प्रशासन, SSB, BSF और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक सीमा सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ रोकने के उपाय, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई। गृह मंत्री ने अधिकारियों को सीमा पर चौकसी और सख्त करने, तकनीकी निगरानी बढ़ाने और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक को आगामी सुरक्षा रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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