संसद में सर्व सम्मति से श्रीराम चरित मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित किया जाय-रामभद्राचार्य
श्रीराम ने दिलाया रावण के आतंकवाद से मुक्ति :कथा में व्यक्ति की नहीं व्यक्तित्व की पूजा

Sandeep Shukla
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में बुधवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने गुरू वशिष्ठ रामायण कथा के आठवे दिन कथा को विस्तार देते हुये गुरू वशिष्ठ, विश्वामित्र के बीच संघर्ष, समन्वय श्रीराम विवाह, आतंकवाद आदि के अनेक प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये कहा कि श्रीराम चरित मानस विश्व ग्रन्थ है। इसमें संसार के सभी प्रकार के समस्याओं के समाधान का स्वर है। संसद में सर्व सम्मति से श्रीराम चरित मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित किया जाना चाहिये।
वे कथावाचक, प्रवचनकर्ता नहीं आचार्य है। रामभद्राचार्य ने कहा कि जब राष्ट्र पर संकट आये तो संत समाज को एकजुट हो जाना चाहिये। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि संसार के लिये वे जगदगुरू हैं लेकिन पूर्वान्चलवासियों, बढनी मिश्र के लिये ेवे पारिवारिक सदस्य है।
रामभद्राचार्य ने श्रीराम महिमा के गुणों का बखान करते हुये कहा कि वे पुरूष सिंह हैं, प्रात काल उठि कै रघुनाथा, मात, पिता, गुरू नावहिं माथा। कहा कि बढनी मिश्र का मूल नाम वर्धिनी था जो विकृत होकर बढनी मिश्र हो गया। वशिष्ठ आश्रम को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये वे पूरा प्रयास करेंगे। वे पूर्वान्चलवासियों के ऋणी हैं।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि महाराज दशरथ अपने चारांें पुत्रां के लाड प्यार में व्यस्त हो गये और जनक जी चारो बेटियों के दुलार में, इसका परिणाम यह हुआ कि रावण का आतंकवाद सीमा पार हो गया। भारत जब आतंकवाद से घिर गया तो श्रीराम ने आतंकियों का बध कर उन्हें मोक्ष दिया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि महर्षि वशिष्ठ सनातन धर्म के वैदिक परम्परा के प्रथम प्रवर्तक हैं। उन्होने श्रीराम और चारों भाईयों को 56 दिन के भीतर ज्ञान दिया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उनकी कथा में व्यक्ति की नहीं व्यक्तित्व की पूजा है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कथा के आठवे दिन अनेक आध्यात्मिक प्रसंगों की गूढ विवेचना करते हुये श्रीराम को हीरो बताया। कथा से पूर्व श्रीराम भद्राचार्य ने मखौड़ा धाम का दर्शन किया। तुलसीपीठ के उत्तराधिकारी आचार्य राम चन्द्र दास ने गुरू महिमा का गान किया।
कथा प्रारंभ होने के पूर्व मुंबई के कलाकार नीरज तिवारी द्वारा भजन गाकर कथा पंडाल को रसामृत् कर दिया मुझे लागी लगन गुरु चरणनन की.। आयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह नगर पंचायत नगर की अध्यक्ष नीलम सिंह राना , राजेश त्रिपाठी , नीलम त्रिपाठी ने पादुका पूजन किया।
मुख्य यजमान चंद्र भूषण मिश्र, हरैया विधायक अजय सिंह ,भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पवन कसौधन , कुमार स्वीट्स के मालिक राजन गुप्ता , सतीश सिंघल , मुस्कान गुप्ता ,पीयूष दुबे, नितीश पाण्डेय मनु , संजय सिंह पगार , सत्य प्रकाश सिंह , भाजपा नेत्री शालिनी मिश्रा , पं. सरोज मिश्रा, राजीव पाण्डेय विमल पाण्डेय , संजय बल्ला , प्रधान पल्लू सिंह , योगेंद्र सिंह,संत प्रकाश त्रिपार्टी , शशिकांत मिश्रा , रणजीत सिंह , विजय श्रीवास्तव , आशीष सिंह , द्वारिका प्रसाद चौधरी , वीरेंद्र कुमार मौर्य , राम दुलारे सिंह , विनय प्रताप सिंह , बब्बू पाण्डेय, साधना , शिवांगी , पवन कुमार उपाध्याय, अभिषेक उपाध्याय , अरविंद मिश्रा , शिवानंद , विजय कांत दुबे, प्रमोद श्रीवास्तव , संजीव दुबे , अभिनव दुबे, वैभव मिश्र सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तोंने कथा रस का पान किया। संचालन मयंक श्रीवास्तव ने किया।




