लखनऊ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दौरान “बढ़ता नशा–भटकता युवा” विषय पर संवाद

विजय कुमार यादव
लखनऊ। राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर “बढ़ता नशा–भटकता युवा” विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय (नवीन परिसर) में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से सारगर्भित संवाद किया।अपने संबोधन में श्री चौहान ने कहा कि युवा जीवन अत्यंत अनमोल है और इसका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक उन्नति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोककल्याण की भावना भी उसमें समाहित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियंता बनने जा रहे विद्यार्थियों की सामाजिक जिम्मेदारी अधिक है, इसलिए उनका जीवन नशामुक्त होना चाहिए।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त रखने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि गुटखा-खैनी की पहली चुटकी, बीयर-शराब का पहला घूंट और बीड़ी-सिगरेट की पहली फूंक ही नशे की पहली सीढ़ी होती है, जिससे जीवनभर दूर रहना चाहिए।मुख्य वक्ता की प्रेरणादायी बातों और जीवन के उदाहरणों ने विद्यार्थियों के मन में नया उत्साह भर दिया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्तिगत कमजोरी नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती है, जिसका समाधान सामूहिक जागरूकता और दृढ़ संकल्प से ही संभव है।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई–1 के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक गुप्ता एवं इकाई–2 की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. खुशबू वर्मा ने शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई तथा राष्ट्रीय सेवा योजना का प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया I




