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2027 में बनेगी सपा सरकार, संविधान बचाने को पीडीए के साथ संकल्पित: अखिलेश यादव

संजय कुमार सिंह
लखनऊ : अखिलेश यादव ने कहा है कि जैसे-जैसे जनसामान्य की पीड़ा बढ़ रही है, पीडीए का आंदोलन भी तेज हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ते जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए समाजवादी साथी पीडीए के साथ मिलकर सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संकल्पित हैं।लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दलित, पीड़ित और शोषित वर्गों के साथ खड़ी है और उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का कार्य समाजवादी ही करेंगे।उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा हर जगह अव्यवस्था फैलाना चाहती है और जनता ने उसे अस्वीकार कर दिया है। लोग अब मतदान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि गीता और गुरु नानक देव जी के उपदेशों में बाहरी आडंबर की बजाय आंतरिक आचरण को महत्व दिया गया है। शंकराचार्य से जुड़े हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी संत का अपमान सनातन परंपरा के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में सत्ता पक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाए।उन्होंने रामभद्राचार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में उनके खिलाफ दर्ज एक मुकदमा उनकी सरकार ने वापस लिया था और इस संदर्भ में भी उन्होंने टिप्पणी की।गोमती नदी की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि नदी के पानी के दूषित होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान हिंडन, वरुणा और काली नदी को साफ करने की योजनाएं शुरू की गई थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस दिशा में ठोस कार्य नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर भूमिगत पाइपलाइन बिछाने में भ्रष्टाचार हो रहा है और बुंदेलखंड से लखनऊ तक परियोजनाओं में पारदर्शिता का अभाव है।मुख्यमंत्री के विदेश दौरे और बुलेट ट्रेन परियोजना की लागत बढ़ने का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग फर्जी वीडियो के जरिए नफरत फैलाने का काम करते हैं। कन्नौज और गोरखपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी प्रश्न उठाए।सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा किस आधार पर हटाई गई, यह स्पष्ट नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में उनका और नेताजी का सरकारी आवास भी छीना गया था तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सुरक्षा और आवास को लेकर भी उदाहरण दिया।अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि समाजवादी घबराने वाले नहीं हैं। चाहे सुरक्षा वापस ले ली जाए, समाजवादी पार्टी जनता के सहयोग से सरकार बदलेगी और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखेगी।

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