माननीय रेल राज्य मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री, श्री रवनीत सिंह द्वारा आरडीएसओ का दौरा
श्री रवनीत सिंह जी ने दिनांक 01.07.2026 को अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने आरडीएसओ की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा भारतीय रेल के अनुसंधान, परीक्षण एवं मानकीकरण कार्यों की समीक्षा की।
NIT-News
माननीय रेल राज्य मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री, श्री रवनीत सिंह जी ने दिनांक 01.07.2026 को अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने आरडीएसओ की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा भारतीय रेल के अनुसंधान, परीक्षण एवं मानकीकरण कार्यों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान माननीय मंत्री ने सिग्नल प्रयोगशाला, एयर ब्रेक प्रयोगशाला, इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्रयोगशाला तथा नवीन श्रांति परीक्षण प्रयोगशाला एवं आईएमडब्ल्यू प्रयोगशाला का भ्रमण किया एवं आरडीएसओ की इन प्रयोगशालाओं में संचालित परीक्षणों, अनुसंधान गतिविधियों तथा तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की । इसके उपरांत आरडीएसओ के प्रशासनिक भवन स्थित ‘विवेचना हॉल’ में संगठन के कार्यों एवं उपलब्धियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। महानिदेशक, आरडीएसओ, श्री प्रभास दानसाना ने माननीय मंत्री का स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने आरडीएसओ की प्रमुख उपलब्धियों, वर्तमान अनुसंधान गतिविधियों तथा भारतीय रेल की सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं तकनीकी उन्नयन में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात आरडीएसओ की कार्यप्रणाली, भारतीय रेल में इसकी भूमिका, हाल की प्रमुख उपलब्धियों, विभिन्न परीक्षणों एवं ट्रायल्स, महत्वपूर्ण प्रगतिशील परियोजनाओं तथा विक्रेता विकास गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।अपने संबोधन में माननीय मंत्री ने भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों की प्राप्ति में आरडीएसओ के योगदान की सराहना करते हुए अधिकारियों को नवाचार, अनुसंधान एवं तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि उन्नत अनुसंधान एवं प्रभावी मानकीकरण भारतीय रेल को विश्वस्तरीय परिवहन प्रणाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में माननीय मंत्री ने आरडीएसओ के अधिकारियों के साथ संवाद किया तथा संगठन की विभिन्न गतिविधियों एवं भावी योजनाओं पर विचार-विमर्श किया।