हीट वेब न्यूनीकरण हेतु विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करते हुए अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता- अर्पणा यू
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आज योजना भवन में हीट वेब प्रबंधन एवं राज्य हीट एक्शन प्लान के क्रियान्वयन पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्पणा यू, प्रमुख सचिव राजस्व ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हीट वेब की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है।

न्यू इनफार्मेशन टुडे – न्यूज
लखनऊ: 09 अप्रैल, 2026 उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आज योजना भवन में हीट वेब प्रबंधन एवं राज्य हीट एक्शन प्लान के क्रियान्वयन पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्पणा यू, प्रमुख सचिव राजस्व ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हीट वेब की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों हेतु सिटी हीट एक्शन प्लान का विकास इस आधार पर किया जाना चाहिए जिसका धरातल पर क्रियान्वयन किया जा सके। उन्होंने कहा कि हीट वेब न्यूनीकरण हेतु विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करते हुए अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान से जनजागरूकता बढ़ाते हुए विभागीय योजनाओं में हीट एक्शन प्लान के एकीकरण तथा संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ले0 जनरल योगेन्द्र डिमरी (सेवानिवृत्त) ने अपने संबोधन में कहा कि हीट वेब के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सभी सरकारी, गैर सरकारी संगठनों एवं विभिन्न तकनीकी संस्थानों को मिलकर काम करने की जरूरत हैं। इससे आम जनमानस को लाभ होगा और हीट वेब के दुष्परिणामों को रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गत वर्ष विभिन्न आपदाओं से निपटने में सभी विभागों के अथक और समर्पित प्रयास सराहनीय है। सभी मिलकर नये संकल्प के साथ कार्य करें और हीट वेब प्रबंधन एवं राज्य हीट वेब एक्शन प्लान-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को जन अभियान के रूप में अपनाएं।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में में उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। डॉ. महावीर गोलेचा, प्रो. अरविंद, आईआईएचएमआर गांधीनगर ने राज्य हीट एक्शन प्लान के अंतर्गत विभिन्न विभागों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। डॉ. काशिफ इमदाद, सलाहकार, यूपीएसडीएमए ने हीट थ्रेशोल्ड, थर्मल बर्डन एवं हीट स्ट्रेस पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए राज्य में हीट वेव प्रबंधन की रूपरेखा प्रस्तुत की। डॉ. अदिति उमराव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, यूपीएसडीएमए ने विभिन्न विभागीय योजनाओं में हीट वेव न्यूनीकरण को मुख्यधारा में शामिल करने के महत्व पर जोर दिया। श्री प्रवीन किशोर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (ट्रेनिंग), यूपीएसडीएमए द्वारा हीट वेव प्लान-2026 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की। डॉ. मनीष रानलकर, निदेशक, आईएमडी लखनऊ द्वारा हीट वेव पूर्वानुमान एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा डॉ. सौरभ कश्यप (केजीएमयू, लखनऊ) द्वारा हीट वेव के स्वास्थ्य प्रभाव एवं बचाव उपाय पर प्रजेंटेशन दिया।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञों एवं हितधारकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, शहरी विकास, श्रम, पशुपालन, पंचायती राज, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं सहित विभिन्न विभागों द्वारा अपनी कार्य योजनाओं एवं तैयारियों की प्रस्तुति भी दी गई। कार्यक्रम का समापन चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।




