उत्तर प्रदेश
4.45 लाख की मदद से खिले चेहरे: जनता के बीच पहुंचे एमएलसी जमाली
आजमगढ़ 28 मार्च (आर एन एस) जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त जरिया भी हो सकती है।

दिनेश कुमार प्रजापति
आजमगढ़ 28 मार्च (आर एन एस) जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त जरिया भी हो सकती है।.22 मार्च से 28 मार्च तक अपने आवास बाजबहादुर पर आयोजित सात दिवसीय जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सैकड़ों लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। इस दौरान क्षेत्र के कोने-कोने से आए जरूरतमंदों की लंबी कतारें उनके दरवाजे पर लगी रहीं।गरीबों और असहायों के लिए सहाराइस जनसुनवाई का सबसे मानवीय और सराहनीय पहलू रहा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की खुलकर मदद।कुल ₹4,45,500 की सहायता राशि चेक के माध्यम से वितरित की गईकई गरीब परिवारों को तत्काल राहत दी गईजरूरतमंद कन्याओं के विवाह, शिक्षा और जीवन-यापन के लिए विशेष सहयोग प्रदान किया गयाशाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने इस मौके पर कहा:जनता की सेवा करना और उनके दुख-दर्द में साथ खड़ा रहना ही मेरा सबसे बड़ा कर्तव्य है। गरीब और असहाय लोगों की मदद करना मेरे लिए राजनीति नहीं, बल्कि इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी है।”जनता के दिलों में खास पहचानउनकी यह पहल केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह भरोसा भी जगाती है कि समाज में अब भी ऐसे जनप्रतिनिधि मौजूद हैं जो आम लोगों की तकलीफ को अपना समझते हैं।आजमगढ़ में लोग उन्हें सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि गरीबों का सहारा और “दरियादिल इंसान” के रूप में पहचानते हैं। उनका यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर वर्ग के लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।एक सच्चे जनसेवक की पहचानशाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली का यह कदम बताता है किसेवा भावना ही असली राजनीति है जनप्रतिनिधि वही जो जनता के बीच रहेऔर सबसे बढ़कर कोई भी जरूरतमंद उनके दरवाजे से खाली हाथ न लौटे उनकी यह पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की एक मजबूत मिसाल भी पेश करती है।




