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ट्रांसजेंडर बिल पर राहुल गांधी का बड़ा हमला: ‘यह पहचान और गरिमा पर सीधा प्रहार’

जनसंसद के दौरान राहुल गांधी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और नीतिगत उत्पीड़न की शिकायतों को गंभीरता से सुना।

गोविन्द

जनसंसद के दौरान राहुल गांधी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और नीतिगत उत्पीड़न की शिकायतों को गंभीरता से सुना।

​संस्थागत भेदभाव का मुद्दा: समुदाय ने राहुल गांधी को बताया कि वे लगातार व्यवस्थागत भेदभाव का सामना कर रहे हैं, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक जीवन प्रभावित हो रहा है।अमेंडमेंट बिल का विरोध: राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार द्वारा लाए गए ‘Transgender Persons Amendment Bill’ को समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया।

​सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन: उन्होंने कहा कि यह बिल व्यक्ति के ‘Self-identification’ (स्व-पहचान) के अधिकार को छीनता है, जो उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय की अवहेलना है।मेडिकल बोर्ड पर आपत्ति: राहुल गांधी ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मेडिकल बोर्ड के सामने अपमानजनक जांच के लिए मजबूर किए जाने के प्रावधान की कड़ी निंदा की।

​सांस्कृतिक पहचान पर खतरा: उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून देश की विविध सांस्कृतिक पहचानों को खत्म करने और निगरानी तंत्र को बढ़ावा देने वाला दमनकारी कदम है।​संवाद का अभाव: राहुल गांधी ने इस बात पर चिंता जताई कि इतना बड़ा कानून लाने से पहले बीजेपी सरकार ने संबंधित समुदाय से कोई चर्चा या विमर्श नहीं किया।संवैधानिक मूल्यों की रक्षा: उन्होंने याद दिलाया कि भारत का संविधान हर नागरिक को जीवन, स्वतंत्रता और गरिमा का अधिकार देता है, जिसे सरकार कमजोर कर रही है।कांग्रेस का स्टैंड: राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे और कांग्रेस पार्टी इस ‘भेदभावपूर्ण’ बिल का संसद से लेकर सड़क तक पुरजोर विरोध करेंगे।​परंपरा का सम्मान: उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध परंपरा हमेशा से ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान देने वाली रही है, लेकिन वर्तमान सरकार के संकीर्ण विचार इस विरासत को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

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