पुलिस लाइन आजमगढ़ में स्वास्थ्य जागरूकता: अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की अध्यक्षता में एचआईवी/एड्स पर कार्यशाला आयोजित
परियोजना निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य एड्स निवारण सोसायटी लखनऊ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र के निर्देश के क्रम में आज पुलिस लाइन सभागार आजमगढ़ में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों कार्मिकों के लिए एचआईवी एड्स विषय पर जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया l

नवीन प्रजापति /आजमगढ़ 24 मार्च परियोजना निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य एड्स निवारण सोसायटी लखनऊ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र के निर्देश के क्रम में आज पुलिस लाइन सभागार आजमगढ़ में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों कार्मिकों के लिए एचआईवी एड्स विषय पर जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया l कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ए अजीज तथा दिशा यूनिट मऊ से श्री नागेंद्र पांडे व श्री जयंती सिंह द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया l एचआईवी के प्रमुख कारण– असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाना, संक्रमित सुई/सीरिंज का प्रयोग, एवं संक्रमित माता से शिशु में संक्रमण। लक्षण (Symptoms) – प्रारम्भिक अवस्था में सामान्यतः स्पष्ट लक्षण नहीं होते, बाद में कमजोरी, वजन कम होना, बार-बार बुखार आना, लगातार खांसी, त्वचा संक्रमण आदि लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
लक्षण प्रकट होने की अवधि– एचआईवी संक्रमण के 10-20 वर्षों बाद एड्स के लक्षण स्पष्ट रूप से सामने आ सकते हैं।
संक्रमण का फैलाव – यह सामान्य स्पर्श, साथ बैठने, भोजन करने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता, बल्कि केवल संक्रमित शारीरिक द्रवों के संपर्क से फैलता है। एड्स नियंत्रण – राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (AIDS Control Authority) द्वारा जागरूकता, जांच एवं उपचार के माध्यम से नियंत्रण के प्रयास किये जा रहे हैं। टीका (Vaccine)– वर्तमान में एचआईवी/एड्स की कोई प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। जागरूकता का महत्व – समय पर जांच, सही जानकारी एवं सतर्कता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।बचाव के उपाय – संयम, एकनिष्ठ संबंध (वफादारी) एवं सुरक्षित यौन संबंध हेतु कंडोम का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है।कार्यशाला के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों/कार्मिकों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक रहने एवं समाज में भी जागरूकता फैलाने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।




