उत्तर प्रदेश

नारी अस्मिता, समानता और न्याय’: डॉ. अखिलेश दास ऑडिटोरियम में गूंजी महिला अधिवक्ताओं की आवाज; संविधान के मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प

आज बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के डॉ. अखिलेश दास ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अधिवक्ता परिषद (अवध) द्वारा आयोजित “नारी अस्मिता, समानता और न्याय – संविधान के 75 वर्ष में नारी सशक्तिकरण” विषय पर प्रदेश महिला अधिवक्ता सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अवसर मिला।

Nayer Azam आज बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के डॉ. अखिलेश दास ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अधिवक्ता परिषद (अवध) द्वारा आयोजित “नारी अस्मिता, समानता और न्याय – संविधान के 75 वर्ष में नारी सशक्तिकरण” विषय पर प्रदेश महिला अधिवक्ता सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अवसर मिला।इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई लगभग 300 महिला अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि आज महिलाएं न्याय व्यवस्था, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में सशक्त भूमिका निभा रही हैं। सम्मेलन में नारी सशक्तिकरण, न्याय और समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ तथा संविधान के मूल्यों के अनुरूप महिलाओं की भागीदारी को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।मेरे संग मुख्य अतिथि के रूप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती बबिता रानी जी, माननीय न्यायमूर्ति श्री बृज राज सिंह जी एवं वरिष्ठ अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान जी, दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लॉ की प्रोफेसर एवं अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह सम्मेलन महिलाओं के सम्मान, अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में सामूहिक संकल्प को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।

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