यूपी में शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार रुपए मिलेंगे:, योगी का विधानसभा में ऐलान

Sanjay Kumar Singh
यूपी में पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले 1.70 लाख शिक्षा मित्र और अनुदेशकों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। अभी तक शिक्षा मित्रों को 10 और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे।
सीएम योगी ने विधानसभा में इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा, सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के हित में यह कदम उठाया है। पहले सपा सरकार में इन्हें मात्र 3 हजार रुपए मिलते थे। हमारी सरकार ने 2017 में ही 10 हजार किया था। अब महंगाई को देखते हुए एक साथ 8 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
9 साल बाद शिक्षा मित्रों की सैलरी बढ़ी है। अब उनका ट्रांसफर भी होगा। सरकार ने शिक्षा मित्रों को और उनके परिवार को पांच लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी है। सीएम ने स्वास्थ्य विभाग में 75 हज़ार नौकरी की भी घोषणा की।
अनुदेशकों का मानदेय वर्ष 2017 में करीब 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए किया गया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस निर्णय को लागू नहीं किया गया। इसके विरोध में अनुदेशकों ने लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच में याचिका दायर की थी।
लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के तत्कालीन न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने अनुदेशकों को 17,000 रुपए मानदेय 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने केवल एक वर्ष के लिए 17,000 रुपए मानदेय भुगतान का निर्देश दिया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।
5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की वह अपील खारिज कर दी, जिसमें यूपी सरकार अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के खिलाफ थी। साथ ही यह आदेश दिया है कि अनुदेशकों की नौकरी खत्म न की जाए।
सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने साफ कहा कि संविदा की निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी। 10 साल से लगातार काम करने की वजह से यह पद ऑटोमैटिक तरीके से सृजित है। अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय 2017 से लागू किया जाए।




