राजनीति
FIR करो या सदस्यता लो, मैं नहीं डरूंगा’, ट्रेड डील पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर साधा निशाना

ऐजेंसी दिल्ली। संसद में अमेरिका से हुए ट्रेड डील को लेकर गंभीर सवाल उठाने के बाद सरकार और भाजपा की ओर से अपने उपर हो रहे भारी चौतरफा हमलों के बावजूद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस डील में किसानों और देश के हितों की बलि चढ़ाए जाने के अपने आरोपों को दुहराया है।
लोकसभा की उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए भाजपा सदस्य की ओर से दिए गए प्रस्ताव के बाद गुरूवार को राहुल गांधी ने सत्तापक्ष को जवाबी चुनौती देते हुए कहा चाहे उन्हें गाली दी जाए, एफआईआर हो, विशेषाधिकार हनना प्रस्ताव लाएं, कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि संसद में ट्रेड डील पर उन्होंने सच्चाई बोली है।राहुल ने ट्रेड डील को किसान विरोधी बताया
भाजपा और सरकार को चाहे यह सच्चाई अच्छी न लगे और उनके खिलाफ जो कुछ भी करना है वह कर ले मगर वे अपनी बातों से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। सरकार के मंत्रियों-भाजपा नेताओं के सियासी हमलों के बाद गुरूवार शाम एक्स पर जारी वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि जो ट्रेड डील किसानों की रोजी-रोटी छीने, देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे वह किसान-विरोधी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ वे तथा उनकी पार्टी अन्नदाताओं के हितों से किसान विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे। नेता विपक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार हमेशा किसानों की कुर्बानी देने के लिए क्यों तैयार रहती है।
प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि पहले अपने अरबपति मित्रों के मुनाफे के लिए काले कानून लाए थे, अब अपने गले से अमेरिकी शिकंजा हटाने के लिए ट्रंप के अमेरिका के लिए भारतीय खेती के दरवाजे खोल दिए हैं और कल इन्हीं सब मित्रों के लिए यही दरवाजे और भी चौड़े किए जाएंगे।
समझौते पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस डील में अमेरिकी कृषि उत्पादों पर नॉन टैरिफ बैरियर’ हटाने की बात की गई है और यह विदेशी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार का खोलना है जो भारत की खाद्य सुरक्षा और किसानों की रो•ाी-रोटी पर सीधा हमला है।
कपास, सोयाबीन, ज्वार, फल और ड्राय फ्रूट्स के किसान पहले ही खतरे में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत के 99.5 प्रतिशत किसान छोटे और गरीब हैं। उनके पास न पर्याप्त सहायता है, न सब्सिडी, पूरा जोखिम किसान उठाता है। जबकि अमेरिका में खेती बड़े पैमाने पर मशीनों से होती है जिस पर वहां की सरकार भारी सब्सिडी देती है।
राहुल गांधी ने कहा कि सस्ती सब्सिडी वाली अमेरिकी खेती से मुकाबला करने को मजबूर किया गया तो भारतीय किसान उनके सामने टिक नहीं पाएगा और भारत के किसानों को बर्बादी झेलनी पड़ेगी।
इस समझौते में किसानों से सलाह नहीं लेने तथा संसद को पूरी जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात करने वालों ने उल्टा अब किसानों के भविष्य को ही दांव पर लगा दिया है।
ऐसे में देश के अन्नदाताओं की लड़ाई वे संसद से सड़क तक ही नहीं हर मंच से लड़ेंगे ताकि देश की खाद्य सुरक्षा की रक्षा की जा सके।
