दावा-किम जोंग ने 13 साल की बेटी को उत्तराधिकारी चुना:बीजिंग दौरे पर पिता के साथ दिखी थी I
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी 13 साल की बेटी किम जू ऐ को अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने गुरुवार को सांसदों को दी गई जानकारी में यह दावा किया।

ऐजेंसी
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी 13 साल की बेटी किम जू ऐ को अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने गुरुवार को सांसदों को दी गई जानकारी में यह दावा किया।
दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने कहा कि किम जू ऐ की लगातार बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी को देखते हुए यह आकलन किया गया है। NIS ने कहा कि उसने “कई परिस्थितियों” को ध्यान में रखते हुए यह निष्कर्ष निकाला है। इनमें आधिकारिक कार्यक्रमों में किम जू ऐ की प्रमुख उपस्थिति भी शामिल है।
हाल के महीनों में जू ऐ कई बड़े कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ नजर आई हैं। सितंबर में बीजिंग दौरे के दौरान भी वह किम जोंग उन के साथ दिखी थीं। यह उनका पहला विदेशी दौरा था, जिसकी जानकारी सामने आई।

NIS पार्टी सम्मेलन पर नजर रखेगी
NIS ने यह भी कहा है कि वह इस बात पर नजर रखेगी कि क्या जू ऐ इस महीने होने वाली पार्टी सम्मेलन में शामिल होती हैं। यह उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम है, जो हर पांच साल में एक बार होता है।
इसी पार्टी सम्मेलन में प्योंगयांग अगले पांच साल के लिए अपनी प्राथमिकताओं जैसे- विदेश नीति, युद्ध की तैयारी और परमाणु कार्यक्रम पर विस्तार से जानकारी दे सकता है।
ली ने कहा- उत्तराधिकारी के तौर पर नामित कर दिया गया है
दक्षिण कोरिया के सांसद ली सोंग-क्वेन ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि NIS पहले जू ऐ को “उत्तराधिकारी बनने की ट्रेनिंग ले रही” बता चुकी है। अब एजेंसी का मानना है कि वह “औपचारिक तौर पर उत्तराधिकारी घोषित” किए जाने के चरण में पहुंच गई हैं।
ली ने कहा, “किम जू ऐ कई बड़े कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखी हैं। वह कोरियाई पीपुल्स आर्मी की स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुईं और कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन भी गईं। कुछ सरकारी नीतियों पर उनकी राय सामने आने के संकेत भी मिले हैं। इन सब बातों को देखते हुए NIS मानती है कि अब उन्हें उत्तराधिकारी के तौर पर नामित कर दिया गया है।”

बेटी को उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे रहे थे किम जोंग
किम जू ऐ की चीन यात्रा ने सवाल खड़े किए थे कि क्या किम अपनी बेटी को भविष्य के उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का भी मानना था कि जू को को चीन ले जाना उनकी बढ़ती हैसियत का संकेत है।
बीजिंग रेलवे स्टेशन पर उन्हें अपने पिता के साथ खड़ा देखकर यह साफ हो गया था कि विदेश में भी उन्हें उत्तर कोरिया का नंबर 2 माना जा रहा है। इस तरह किम जोंग-उन दुनिया को संदेश दिया था कि जू ऐ उनकी उत्तराधिकारी बनेंगी।
