श्री हनुमान जयंती के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएं, प्रदेशवासियों के लिए सुख-आरोग्य की कामना की
मुख्यमंत्री ने हनुमान जी की भक्ति को शक्ति और समर्पण का प्रतीक बताते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की सीख दी।

गोविन्द प्रजापति
संकटमोचन श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई दी है। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु के चरणों में वंदन करते हुए सभी के कल्याण की मंगलकामना की। विस्तृत खबर नीचे दी गई है:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘श्री हनुमान जयंती’ के पावन अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं साझा कीं।उन्होंने प्रसिद्ध दोहे “प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन” के साथ अपने संदेश की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने श्री हनुमान जी को दुष्टों रूपी वन को भस्म करने वाली ‘अग्नि’ और ‘ज्ञान का घन’ बताकर उनकी महिमा का वर्णन किया।उन्होंने कहा कि पवनपुत्र के हृदय रूपी भवन में सदैव धनुष-बाण धारण किए हुए प्रभु श्री राम निवास करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने श्री हनुमान जी को प्रभु श्री राम का अनन्य भक्त और संकटों को हरने वाला ‘संकटमोचन’ बताया।उन्होंने इस पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के सभी नागरिकों और राम भक्तों के प्रति अपनी आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने भगवान बजरंगबली से प्रार्थना की कि वे सभी के जीवन से आने वाले समस्त संकटों और बाधाओं को दूर करें।उन्होंने प्रदेश में सुख और समृद्धि के निरंतर प्रवाह की कामना की।
मुख्यमंत्री के संदेश में जन-जन के लिए मानसिक और आत्मिक ‘शांति’ की प्रार्थना की गई।उन्होंने विशेष रूप से सभी के लिए ‘बल’ और ‘बुद्धि’ के संचार की कामना की, जो हनुमान जी के प्रमुख गुण हैं।प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए उन्होंने भगवान से ‘आरोग्य’ का आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने हनुमान जी की भक्ति को शक्ति और समर्पण का प्रतीक बताते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की सीख दी।इस विशेष दिन पर प्रदेश भर के हनुमान मंदिरों में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है।अंत में मुख्यमंत्री ने ‘श्रीहनुमते नमः’ के उद्घोष के साथ अपनी शुभकामनाएं संपन्न कीं।योगी जी के इस संदेश से प्रदेश के श्रद्धालुओं में हर्ष की लहर है और लोग इसे भक्ति भाव से साझा कर रहे हैं।




