शिक्षिका की कार का कहर: बच्चे की मौत के बाद लखनऊ में भारी हंगामा, आधे घंटे तक बंधक रहे कार सवार।
लखनऊ में महिला टीचर की कार से कुचलकर एक 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। कार की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि टक्कर लगने के बाद बच्चा करीब 30 मीटर तक घिसटता चला गया।
गोविन्द प्रजापति
लखनऊ में महिला टीचर की कार से कुचलकर एक 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। कार की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि टक्कर लगने के बाद बच्चा करीब 30 मीटर तक घिसटता चला गया। इस घटना से लोग भड़क उठे।स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार को रुकवाया और घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल भिजवाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।इसके बाद लोगों ने कार में बैठीं तीन महिला टीचर्स को घेर लिया। उन्हें करीब 30 मिनट तक बंधक बनाकर रखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने गुस्साए लोगों को समझाकर शांत कराया। कहा, आरोपी टीचर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तब लोग माने।पुलिस तीनों महिला टीचर्स को अपने साथ थाने ले गई। यह घटना मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के इमलियाखेड़ा खेड़ा गांव की है। मृतक की शिनाख्त अर्जुन पुत्र टिंकल के रूप में हुई। वह शनिवार शाम करीब 4:30 बजे सड़क के किनारे चल रहे भंडारे में प्रसाद खाने गया था। तभी ये हादसा हुआ।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, अर्जुन सड़क के किनारे खड़ा था। तभी तेज रफ्तार में आई वैगनआर कार ने उसे कुचल दिया। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना देख मौके पर ग्रामीण जुट गए। लोगों ने कार चला रही महिला टीचर को पकड़ लिया। कार में 2 अन्य महिला टीचर भी सवार थीं। लोगों ने उन्हें भी घेरकर रोक लिया।पुलिस ने बताया, तीनों महिला टीचर को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले जाया गया। पूछताछ में पता चला कि तीनों टीचर रायबरेली के स्कूल में पढ़ाती हैं। लखनऊ से कार से तीनों एक साथ स्कूल आती-जाती हैं। शनिवार शाम भी तीनों स्कूल से लौट रही थीं, इसी दौरान हादसा हो गया।पुलिस ने बताया, कार रेनू संजीव कुमार पुत्री राममूर्ति चला रही थीं। वह लखनऊ में तेलीबाग के गांधीनगर नियर जीएस पब्लिक स्कूल की रहने वाली हैं। कार को कब्जे में ले लिया है।
बच्चे के परिजन सीएचसी मोहनलालगंज में हैं।इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया, परिजनों से शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।मृतक अर्जुन के पिता टिंकल मजदूरी करते हैं। अर्जुन 3 भाई-बहन में सबसे छोटा था। उससे बड़ा भाई करन और बहन पल्लवी है। मां कमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है। अर्जुन के शव को सीएचसी मोहनलालगंज ले जाया गया। वहां परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मां कमलेश पुलिसकर्मियों को पकड़ चीखने-चिल्लाने लगीं।इमलियाखेड़ा खेड़ा गांव निवासी सूरज, अर्जुन के रिश्ते में बाबा लगते हैं। उन्होंने बताया- अर्जुन स्कूल से आया था। स्कूल से आने के बाद भंडारा खाने गया था। मऊरावां की तरफ से कार तेज रफ्तार में चली आ रही थी। कार ने बच्चे को रौंद दिया। बच्चे के सिर में चोट आई। पसली टूट गई। मुंह से बहुत ज्यादा खून निकला।