उत्तर प्रदेश

शिक्षकों ने टेट की बाध्यता के विरोध में किया प्रदर्शन, जुलूस निकाल सौपा ज्ञापन

NIT-News
चित्रकूट। जिले में गुरुवार को हजारों शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों की मांग थी कि केंद्र सरकार संसद में कानून लाकर शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त करे। शिक्षकों का कहना था कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार, अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के निर्णय द्वारा इस नियम को बदल दिया गया है, जो पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्याय है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में जल्द से जल्द कोई निर्णय लेना होगा। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार जल्दी ही कोई फैसला नहीं लेती तो शिक्षक दिल्ली में विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में डॉल्फिन रीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब चाहे अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकती है। धरने को प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आलोक गर्ग, संरक्षक अशोक त्रिपाठी, जिला मंत्री श्री नारायण सिंह, संयुक्त मंत्री आराधना सिंह, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष शहनाज बानो, वंदना यादव सहित अन्य जनपदीय व ब्लाक पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। बाद में सभी शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंप कर आरटीई अधिनियम के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की। इस मौके पर सभी संगठनों के पदाधिकारी व जिले भर के सैकड़ो की तादाद में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

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