उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों ने बढ़ाया प्रदेश का मान, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान

महिला नेतृत्व ग्रामीण विकास की नई शक्ति, यूपी की प्रधानें बन रही हैं प्रेरणा- पंचायती राज मंत्री

गोविन्द प्रजापति लखनऊ, 11 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधि ग्राम विकास और सुशासन की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के साथ सामाजिक परिवर्तन और जनभागीदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। इसी क्रम में पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत निर्वाचित महिला पंचायत प्रतिनिधियों का एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से प्रदेश का मान बढ़ाया।इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से 135 महिला प्रधानों ने भाग लेकर पंचायतों में महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इसके अलावा प्रदेश से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
“बीकन पंचायत” श्रेणी में ग्राम पंचायत राजपुर (हाथरस) की प्रियंका तिवारी, ग्राम पंचायत भरतपुर (अलीगढ़) की नीलम देवी, ग्राम पंचायत फौलादपुर (अमरोहा) की मनु यादव, ग्राम पंचायत रोरी (गाजियाबाद) की पूनम सिंह तथा ग्राम पंचायत छिपाई (ललितपुर) की नीलमणि राजे बुंदेला को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।इसी प्रकार “चैंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में ग्राम पंचायत तिलसड़ा (कानपुर नगर) की सुलेखा कुशवाहा और ग्राम पंचायत मखदुमपुर (अमरोहा) की मधु चौधरी को सम्मान प्राप्त हुआ। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” श्रेणी में ग्राम पंचायत सींगनखेड़ा (रामपुर) की रूपाली लोधी, ग्राम पंचायत सुजानपुर (फतेहपुर) की हेमलता पटेल, ग्राम पंचायत अल्हैया (बरेली) की कृष्णा गंगवार, ग्राम पंचायत पाला (कन्नौज) की अनामिका सिंह तथा ग्राम पंचायत थावर (लखनऊ) की माधुरी सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। इन महिला प्रधानों ने अपने नेतृत्व, नवाचार और जनसेवा के माध्यम से यह साबित किया है कि महिला सशक्तिकरण के जरिए ग्रामीण विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने प्रदेश का नाम रोशन करने वाली सभी महिला प्रधानों को बधाई देते हुए कहा कि उनका समर्पण और नेतृत्व गांवों के समग्र विकास को और सशक्त बनाएगा।पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति देने में मदद मिलती है।

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