मंत्री ने घोसी चीनी मिल के लिए लिखा पत्र:आधुनिकीकरण और विकास की मांग, विपक्ष पर साजिश का आरोप
घोसी चीनी मिल के आधुनिकीकरण को लेकर ऊर्जा मंत्री का मुख्यमंत्री को पत्रकिसानों के हित में नवीनीकरण व पारदर्शी प्रबंधन की मांग

दिनेश प्रजापति
लखनऊ, 27 फरवरी 2026। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद स्थित घोसी चीनी मिल के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण एवं समग्र विकास के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विस्तृत पत्र लिखकर महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि घोसी चीनी मिल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की आधारशिला है और हजारों गन्ना किसानों की आजीविका इससे जुड़ी है, इसलिए मिल को कमजोर करने या बंद करने का कोई भी प्रयास जनहित के विरुद्ध होगा। इससे पूर्व वह गन्ना विकास मंत्री को भी इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं।मंत्री ने कुछ जनप्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों द्वारा व्यक्त की गई उन चिंताओं का भी उल्लेख किया, जिनमें आरोप लगाया गया है कि मिल की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने के लिए कथित षड्यंत्र रचा गया। आरोपों में यह भी कहा गया कि कुछ व्यक्तियों की मिलीभगत से मिल प्रशासन को कमजोर करने का प्रयास हुआ। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी या व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि किसानों के हितों से कोई खिलवाड़ न कर सके।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आगामी पेराई सत्र से पूर्व मिल की मशीनों, उपकरणों एवं तकनीकी ढांचे का व्यापक नवीनीकरण कराया जाए। आधुनिक मशीनरी, पारदर्शी प्रबंधन व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से मिल को सक्षम एवं लाभकारी बनाया जाए। साथ ही जिम्मेदार और ईमानदार अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा गन्ना विकास विभाग को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध भी किया।मंत्री श्री शर्मा ने उल्लेख किया कि गंभीर परिस्थितियों के बावजूद किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य दिलाया जाना उनके हित में महत्वपूर्ण निर्णय रहा है।उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप-प्रत्यारोप करना नहीं, बल्कि मऊ जिले के किसानों और आमजन के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में घोसी चीनी मिल को नई दिशा और मजबूती मिलेगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।मंत्री का यह कदम मऊ जिले के गन्ना किसानों और स्थानीय जनता के व्यापक हित में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।




