राजनीति

भाजपा राजनीतिक दल नहीं, एक गिरोह की तरह काम कर रही है — अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक गिरोह की तरह कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति चालाकी, साम्प्रदायिकता और नफरत से प्रेरित है तथा सत्ता का दुरुपयोग ही उसका प्रमुख कार्य रहा है।

संजय कुमार सिंह
लखनऊ। अखिलेश यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक गिरोह की तरह कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति चालाकी, साम्प्रदायिकता और नफरत से प्रेरित है तथा सत्ता का दुरुपयोग ही उसका प्रमुख कार्य रहा है।शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित समाजवादी पार्टी बौद्धिक प्रकोष्ठ की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कारण देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है और नई पीढ़ी को अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील समाज में पाखंड और अंधविश्वास का कोई स्थान नहीं हो सकता। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को पूरी तरह उपेक्षित किया गया है तथा बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है।अखिलेश यादव ने कहा कि दस वर्षों की सरकार का परिणाम शून्य है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और विकास के नाम पर केवल घोषणाएं हो रही हैं। उन्होंने वर्तमान प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब जो समझौते हो रहे हैं, उनका भविष्य क्या होगा और सरकार के पास कितना समय शेष है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां भ्रामक हैं और देश का बाजार विदेशी शक्तियों के हवाले किया जा रहा है। उनका कहना था कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना आवश्यक है, ताकि समाज को विभाजनकारी राजनीति से मुक्त कर सामाजिक न्याय और समरसता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में उपस्थित बौद्धिक वर्ग और शिक्षाविदों ने कहा कि अखिलेश यादव ने सभी वर्गों को समान अवसर देने की पहल कर समाजवादी चिंतन को साकार रूप दिया है। उन्होंने पूर्व समाजवादी सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए छात्र-छात्राओं को वितरित किए गए संगणक, कन्या शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा अन्य लोककल्याणकारी योजनाओं को याद किया।प्रकोष्ठ के सदस्यों ने वर्ष 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प दोहराया। बैठक में प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी प्रोफेसर शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

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