बाप की हत्या का आरोपी बोला- सॉरी गलती हो गई:लखनऊ पुलिस का खुलासा

न्यू इर्न्फोमेशन टुडे न्यूज
लखनऊ में पैथोलॉजी मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या का पुलिस ने आज शाम खुलासा कर दिया। नीट परीक्षा के विवाद में बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे उनकी राइफल से गोली मारकर हत्या की थी। हाथ-पैर को काटकर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। शरीर के शेष हिस्से को नीले ड्रम में भरकर घर में छिपा दिया था।
खून से सनी चादर को अनौरा जंगल में जलाया था। हत्या में प्रयोग हथियार और औजार को अलग-अलग स्थानों पर फेंका था, जिन्हें बरामद कर लिया गया है। परिजनों और पुलिस को गुमराह करने के लिए पिता की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। आशियाना थाने में पुलिस ने आज अक्षत को मीडिया के सामने किया। हत्या में इस्तेमाल की गई राइफल, तारपीन तेल, आरी, चाकू और अन्य सामान दिखाए।
इसके बाद उसे मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाने लगे तो वह मीडिया से घिर गया। बार-बार पूछे जाने पर उसने धीरे से कहा- सॉरी मुझसे गलती हो गई। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
इसके पहले मानवेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया। आज सुबह भैंसाकुंड घाट बैकुंठ धाम पर उन्हें छोटे भाई दरोगा अरविंद सिंह के बेटे कृत्य सिंह ने मुखाग्नि दी। पीएम हाउस से पन्नी में बंधी डेडबॉडी आई, उसका उसी तरह अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान मृतक मानवेंद्र की डेडबॉडी से कवर नहीं हटाया गया। ऊपर से ही शव को नहलाया गया।रिश्तेदारों ने लकड़ियां रखीं। उसके बाद भतीजे कृत्य ने अग्नि लेकर चिता के चारों तरफ घूमते हुए दाह संस्कार कर दिया। इस दौरान मृतक मानवेंद्र के भाई अरविंद सिंह बहुत रो रहे थे। मृतक के पिता सुरेंद्र पाल सिंह चलने-फिरने में असमर्थ हैं, जिस वजह से श्मशान घाट नहीं आ पाए।




