फार्माकोलॉजी के उभरते ट्रेंड्स पर मंथन; नर्सिंग केयर डिलीवरी में आधुनिक दवाओं की भूमिका पर चर्चा
जबलपुर मेें NSCB नेशनल वर्कशॉप: फार्माकोलॉजी के उभरते ट्रेंड्स पर मंथन; नर्सिंग केयर डिलीवरी में आधुनिक दवाओं की भूमिका पर चर्चा

जबलपुर चिकित्सा जगत में दवाओं के बदलते स्वरूप और उपचार की आधुनिक पद्धतियों को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय नेशनल वर्कशॉप का आयोजन गया। यह शासकीय नर्सिंग कॉलेज नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज कि ओर से शुक्रवार को किया गया। इस दौरान कार्यशाला फार्माकोलॉजी में उभरते ट्रेंड्स और नर्सिंग केयर डिलीवरी पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का मकसद नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स, शिक्षकों और विद्यार्थियों को दवाओं के नवीनतम वर्गीकरण, आधुनिक प्रशासन पद्धतियों, सटीक डोज कैलकुलेशन और नर्सिंग की बढ़ती जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया। यह कार्यशाला एकेडेमिक्स और क्लिनिकल प्रैक्टिस का संगम रहा।
कार्यक्रम के चीफ गेस्ट के तौर पर मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. प्रो. नवनीत सक्सेना, डॉ. प्रो. अरविन शर्मा संयुक्त संचालक और अधीक्षक मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, कर्नल रूपा भौमिक मैट्रन, मिलिट्री हॉस्पिटल जबलपुर सहित देशभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल हुए।
देशभर से जुड़े विषय विशेषज्ञ
कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज जबलपुर के एचओडी फार्माकोलॉजी डॉ. सचिन कुचया, वैष्णो देवी कॉलेज ऑफ नर्सिंग कटरा की प्रीति सिंह ठाकुर, निमहंस बेंगलुरु की डॉ. एस. वल्लियाम्माला, इंदौर और भोपाल के प्रमुख नर्सिंग संस्थानों के विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।
प्रतिभागियों की व्यापक भागीदारी
इस नेशनल वर्कशॉप में नर्सिंग संकाय सदस्य, पीएचडी स्कॉलर्स, पीजी छात्र और विभिन्न अस्पतालों के स्टाफ नर्स ने भाग लिया। आयोजन में उप प्राचार्य डॉ. प्रो स्टेला पीटर रिसोर्स पर्सन और आयोजन सचिव डॉ. गायत्री श्रीवास वर्मा के नेतृत्व में टीम सक्रिय भूमिका निभाई गई।
आयोजकों का मानना है कि यह कार्यशाला जबलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के नर्सिंग प्रोफेशनल्स के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।



