फलाहिरी बाबा मंदिर और दुर्गा देवी धाम का होगा सौंदर्यीकरण
प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने को दो प्रमुख मंदिरों के

विजय कुमार यादव —लखनऊ, । उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने प्रयागराज में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लागू करने की तैयारी कर ली है। करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 3.46 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। इससे इन आस्था स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थ नगरी प्रयागराज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण केंद्र है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग लोकप्रिय तीर्थस्थलों के साथ-साथ कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1.64 करोड़ रुपये से अधिक तथा सोरांव तहसील स्थित दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 1.82 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।परियोजना के तहत फलाहिरी बाबा मंदिर के विकास के लिए 40 लाख रुपये और सोरांव तहसील स्थित दुर्गा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 45 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, डस्टबिन, साइनेज और म्यूरल आर्ट जैसे कार्य कराए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।मंत्री ने कहा कि प्रयागराज धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। संगम नगरी सदियों से आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रही है और यह क्षेत्र प्रयागराज, अयोध्या और काशी के आध्यात्मिक त्रिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभाग का प्रयास है कि लोकप्रिय स्थलों के साथ-साथ कम चर्चित या अल्पज्ञात धार्मिक स्थलों का भी समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में लगभग 69 करोड़ आगंतुकों ने प्रयागराज जनपद का भ्रमण किया। वहीं माघ मेला 2026 के भव्य आयोजन में भी करीब 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जो जिले में बढ़ते धार्मिक पर्यटन की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करता है।




