उत्तर प्रदेश

प्रधानों को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कराया एक्सपोजर विजिट :डीएम पुलकित गर्ग

डीएम पुलकित गर्ग के जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जनपद में रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के ग्राम अगरहुंडा स्थित 29 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के निरीक्षण के दौरान दिये गये निर्देशों के क्रम में मानिकपुर के 48 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को एक्सपोजर विजिट कराया गया।

संजय कुमार सिंह चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग के जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जनपद में रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के ग्राम अगरहुंडा स्थित 29 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के निरीक्षण के दौरान दिये गये निर्देशों के क्रम में मानिकपुर के 48 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को एक्सपोजर विजिट कराया गया। एक्सपोजर विजिट के दौरान एडीएम नमामि गंगे स्वप्निल कुमार यादव, ब्लाक प्रमुख मानिकपुर अरविन्द कुमार मिश्रा, बीडीओ पवन कुमार सिंह, सुनील शुक्ला प्रधान संघ मानिकपुर के अध्यक्ष, ग्राम प्रधान, उप्र जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियन्ता शशिकान्त मौर्य, जूनियर इंजीनियर विजय शंकर यादव, सत्येन्द्र राजभर, फर्म जीवीपीआर के डीपीएम एस मौर्या एवं सम्बन्धित ग्रामों के ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे। इस दौरान ग्राम प्रधानों को पेयजल शोधन की सम्पूर्ण प्रक्रिया, विभिन्न ट्रीटमेन्ट स्ट्रक्चर्स एवं योजना की कार्य प्रणाली के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। ग्राम प्रधानों को अवगत कराया गया कि रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के अन्तर्गत 78 ग्रामों में 28925 घरों को गृह संयोजनों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है। गुन्ता बांध से कच्चा पानी लेकर अगरहुण्डा स्थित 29 एमएलडी वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट में स्थापित विभिन्न यूनिटों से प्रोसेस कराते हुये शुद्ध पेयजल क्लियर वाटर रिजर्वायर में एकत्र होता है। वर्तमान में 61 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति प्रारम्भ हो गयी है। शेष ग्रामों में टेस्टिंग व कमिशनिंग का कार्य प्रगति पर है। टेस्टिंग व कमिशनिंग के अवशेष कार्यों को पूर्ण कराकर समस्त ग्रामों में 30 अप्रैल तक पेयजल आपूर्ति किया जाना लक्षित है। साथ ही अवगत कराया गया कि पेयजल शोधन की प्रक्रिया अत्यन्त जटिल एवं तकनीकी होती है तथा विभिन्न चरणों से होकर शुद्ध जल ग्रामवासियों के घरों तक पहुंचाया जाता है। कार्यक्रम का मुख्या उद्देश्य यह है कि सम्बंधित ग्राम प्रधानो के माध्यम से ग्राम स्तर पर जल संरक्षण एवं जल का अनावश्यक अपव्यय न किया जाने के प्रति जागरूकता बढाया जा सके।

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