नन्हे हाथों का बड़ा सहारा: लखनऊ के बच्चों ने भेजी गुल्लक की बचत, महिला बोली- “ईरान के लिए चारों बेटों को कुर्बान कर दूंगी”
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच लखनऊ से ईरान को आर्थिक मदद भेजी जा रही है। इसके लिए शहर के दरगाह हजरत अब्बास में स्कैनर लगाया गया है। उसके जरिए बड़ी संख्या में शिया समाज के लोग पैसे भेज रहे हैं।

NIT-NEWS/ईरान-इजरायल युद्ध के बीच लखनऊ से ईरान को आर्थिक मदद भेजी जा रही है। इसके लिए शहर के दरगाह हजरत अब्बास में स्कैनर लगाया गया है। उसके जरिए बड़ी संख्या में शिया समाज के लोग पैसे भेज रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कैनर ईरान एंबेसी से जुड़ा है।महिलाएं अपने जेवर बेचकर मदद के लिए पहुंचीं। छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर पैसे दिए। उन पैसों को स्कैनर के जरिए ईरान भेजा गया। कई महिलाएं फूट-फूटकर रोती नजर आईं। एक महिला ने कहा- ईरान की हर मदद करूंगी। अपने चारों बेटों को कुर्बान कर दूंगी। शियाओं ने कहा- ईरान की मदद जरूर करेंगे। उसके लिए चाहे जेवर बेचना पड़े या कुछ भी करना पड़े। हम जरुर मदद पहुंचाएंगे। हमारे पास जो बचत के पैसे हैं वह सब ईरान को दे देंगे। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनई ने इंसानियत के लिए जान दी है। हम लोग भी अपना सबकुछ ईरान के लिए कुर्बान कर देंगे।दरगाह के अध्यक्ष मीसम रिजवी ने कहा कि हम लोग QR कोड की मदद से सीधे ईरान एंबेसी को सहायता भेज रहे हैं। छोटे बच्चे अपना गुल्लक लेकर आए है। ईरान में जो बमबारी हुई जिसमें छोटे बच्चे शहीद हो गए उनकी याद में हमारे बच्चे अपना पैसा लेकर पहुंचे हैं। फिलहाल कैश भेजने में थोड़ी सी समस्या आ रही है। अगर हम लोग ईरान एंबेसी और ईरान कल्चरल हाउस में बात कर रहे हैं कि वहां का प्रतिनिधि आ जाए और वह कैश हमसे हासिल कर ले।




