उत्तर प्रदेश

नगर निगम ने 3293 करोड़ का बजट पेश, बिना नया कर लगाए विकास पर जोर

महापौर सुषमा खर्कवाल ने की, जबकि बजट नगर आयुक्त गौरव कुमार द्वारा सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

संजय कुमार सिंह
लखनऊ : नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट पेश किया गया। बैठक की अध्यक्षता महापौर सुषमा खर्कवाल ने की, जबकि बजट नगर आयुक्त गौरव कुमार द्वारा सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बैठक में कार्यकारिणी समिति के सदस्य और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे तथा बजट पर विस्तृत चर्चा की गई।महापौर ने कहा कि यह बजट शहर के समग्र विकास, बेहतर सफाई व्यवस्था, मजबूत आधारभूत ढांचे और राजस्व वृद्धि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार न तो कोई नया कर लगाया गया है और न ही पुराने करों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अगले वर्ष का बजट नए कार्यालय भवन में प्रस्तुत किया जाएगा।वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम की कुल अनुमानित आय 3,29,335 लाख रुपये (करीब 3293 करोड़ रुपये) प्रस्तावित की गई है, जबकि कुल व्यय 3,29,293.25 लाख रुपये रखा गया है। प्रारंभिक अवशेष 1,39,936.23 लाख रुपये जोड़ने के बाद सकल आय 4,69,271.23 लाख रुपये आंकी गई है और आय-व्यय समायोजन के बाद 1,39,977.98 लाख रुपये अंतिम अवशेष रहने का अनुमान है।राजस्व मद में 2,27,835 लाख रुपये की आय का अनुमान है, जिसमें गृहकर, जलकर, विज्ञापन शुल्क, लाइसेंस शुल्क और अन्य करों से प्राप्त राजस्व शामिल है। इसी मद में 2,27,793.25 लाख रुपये व्यय प्रस्तावित है, जिसमें वेतन, पेंशन, सड़क मरम्मत, नाला निर्माण, ईंधन, पार्कों का रखरखाव और गोशालाओं के संचालन जैसे खर्च शामिल हैं। पूंजी मद में केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान, वित्त आयोग की धनराशि और विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 98,100 लाख रुपये आय और समान राशि के व्यय का प्रावधान किया गया है, जबकि उच्चन्त मद में 3,400 लाख रुपये आय और व्यय प्रस्तावित हैं।बजट में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सबसे अधिक जोर दिया गया है। इस मद में लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है, जिससे डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। हालांकि बरसात में जलभराव की समस्या से जूझने वाले क्षेत्रों के लिए नालों की सफाई हेतु 15 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए 271 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि राजधानी की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाया जा सके और यातायात सुगम हो। पुराने कार्यों के लंबित भुगतान के लिए 405 करोड़ रुपये रखे गए हैं। कार्यदायी संस्थाओं के भुगतान के मद में पुनरीक्षित बजट के 130 करोड़ रुपये को घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है।शहर के पार्कों के अनुरक्षण के लिए 42 करोड़ रुपये तथा रंगाई-पुताई के लिए 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मार्ग प्रकाश व्यवस्था के अधिष्ठान हेतु 16 करोड़ रुपये, स्ट्रीट लाइट मरम्मत के लिए 6 करोड़ रुपये और उपकरण खरीद के लिए 6.50 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। भवन मरम्मत के लिए 5 करोड़ रुपये और नए निर्माण कार्यों के लिए 34 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अहाना एनक्लेव की बहुमंजिली आवासीय योजना के लिए 40 करोड़ रुपये तथा अवस्थापना निधि से 180 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे।मॉडल वेंडिंग जोन के निर्माण और संचालन का बजट 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वेंडिंग जोन का किराया 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये किया गया है। शहर के सभी 110 वार्डों में मॉडल वेंडिंग जोन विकसित करने का निर्णय लिया गया है और 30 मार्च तक भूमि चिन्हित कर अप्रैल में टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जलकल विभाग का कुल प्रस्तावित बजट 48,723.40 लाख रुपये (करीब 487 करोड़ रुपये) है, जिसमें 36,693.40 लाख रुपये राजस्व मद और 12,030 लाख रुपये पूंजी मद से प्राप्त होने का अनुमान है। पानी की पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है और रोड कटिंग के मामलों में जलकल विभाग स्वयं खर्च वहन करेगा।महापौर ने अधिकारियों को नगर निगम की खाली जमीनों का सर्वे कर उन्हें पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन जमीनों पर बारात घर विकसित करने की भी योजना है, जिससे निगम की आय बढ़ाई जा सके। साप्ताहिक बाजारों और मेलों से लाइसेंस शुल्क की पारदर्शी वसूली सुनिश्चित करने तथा अवैध बाजारों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। शहर में लगे अवैध होर्डिंग एक सप्ताह के भीतर हटाने और बकाया लाइसेंस शुल्क वसूली अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।श्मशान घाटों की बाउंड्री वाल निर्माण को प्राथमिकता देने, नगर निगम के 8 विद्यालयों का कायाकल्प करने, कान्हा उपवन में नया विद्यालय बनाने और 40 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही एक आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सुविधा मिलेगी।नए वित्तीय वर्ष में गृहकर और एकमुश्त यूजर चार्ज जमा करने वालों को विशेष छूट दी जाएगी। 1 से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन भुगतान पर 10 प्रतिशत और ऑफलाइन भुगतान पर 8 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मई में यह छूट क्रमशः 8 और 6 प्रतिशत तथा जून में 5 और 4 प्रतिशत रहेगी। एकमुश्त यूजर चार्ज जमा करने पर 10 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा।कुल मिलाकर बजट में सफाई, सड़क, प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति, शिक्षा और राजस्व सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। बिना नया कर लगाए विकास कार्यों को गति देने और आय के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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