दोहरीघाट के बाबूराम कैलाशी देवी महिला महाविद्यालय में विज्ञान-कला प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में छात्राओं ने विज्ञान और कला से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने मॉडल, चार्ट, चित्रकला और हस्तशिल्प के माध्यम से उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना था।

जर्नादन मि़श्रा
दोहरीघाट/मऊ। बाबूराम कैलाशी देवी महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में छात्राओं ने विज्ञान और कला से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने मॉडल, चार्ट, चित्रकला और हस्तशिल्प के माध्यम से उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संजय राय और डॉ. प्रदीप राय उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार राय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि प्राचार्य ने संचालन की जिम्मेदारी संभाली।

छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान तकनीक जैसे विभिन्न सामाजिक एवं वैज्ञानिक विषयों पर आकर्षक मॉडल और कलाकृतियां प्रस्तुत कीं। छात्रा परी, खुशी, निशा, रविना, रोली, अमृता, नीलू यादव, आराधना, अर्पिता, स्नेहा, साधना, रंजना, प्रतिमा, रेनू, निकीता, काजल, पूनम, निष्ठा, निधि, अंजलि, नित्या और अमीसा ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुख्य अतिथि डॉ. अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान और कला मानव जीवन के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने बताया कि विज्ञान तर्क और खोज की दिशा देता है, जबकि कला संवेदनाओं और सृजनात्मकता को अभिव्यक्ति प्रदान करती है। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मॉडल और कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल की बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं। डॉ. त्रिपाठी ने आगे कहा कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ये छात्राएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं। उन्होंने जोर दिया कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं, जो भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा में सहायक सिद्ध होगा। महाविद्यालय के प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार राय ने छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। इस अवसर पर नीतू गुप्ता, सीमा पाण्डेय, आशीष साहनी, विवेक दुबे, प्रीति पाण्डेय, आरती विश्वकर्मा, आकृति सिंह सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।



